जमशेदपुर : एमजीएम में नवजात शिशुओं के मौत के कारणों को पता लगाने के लिए शुक्रवार को रांची से लेबर रूम क्वालिटी इंप्रूवमेंट सर्विस की टीम पहुंची. टीम के सदस्यों ने अस्पताल के प्रसव केंद्र के अलावा एनआइसीयू व पीआइसीयू का निरीक्षण किया. इसके बाद अधीक्षक व अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक कर नवजात व गर्भवतियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली.
टीम में शामिल यूनिसेफ की मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट डॉ सरिता लकड़ा ने बताया कि उनके पास जो संसाधन उपलब्ध हैं, उसमें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकती है. जरूरत है तो सिर्फ ट्रेंड कर्मचारियों की. एमजीएम अस्पताल की महिला एवं प्रसूति विभाग की 16 नर्सों को पांच-पांच की संख्या में रांची रिम्स में प्रशिक्षण के लिए भेजा जायेगा. यह प्रशिक्षण एक सप्ताह का होगा. उन्होंने एमजीएम में जल्द से जल्द कंगारू मदर केयर (केएमसी) यूनिट शुरू करने की सलाह दी. बैठक में एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ आरवाइ चौधरी, गायनिक विभागाध्यक्ष डॉ अंजलि श्रीवास्तव, शिशु रोग विभाग के अजय राज आदि मौजूद थे.
पानी के पाइप में करेंट, कुत्ता बेहोश. एमजीएम अस्पताल में लगे पानी के पाइप में बिजली का करेंट दौड़ रहा है. शुक्रवार को सर्जरी व मेडिकल बिल्डिंग के अंदर जा रहे पानी के पाइप में करेंट होने से सुबह एक कुत्ता इसकी चपेट में गया. सूचना मिलने पर वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने कुत्ते को लाठी से हटाया. एक घंटे तक बेहोश रहने के बाद कुत्ता होश आया.
सफाई कर्मचारियों के मुताबिक पिछले 15 दिनों से पाइप में करेंट आ रहा है. पहले भी दो सफाई कर्मी इसके चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे. इसकी सूचना अधीक्षक को दी गयी थी. वहीं अस्पताल के बिजली मिस्त्री ने बताया कि छत के ऊपर से कंप्यूटर का तार गया है जो पानी के पाइप से बांधा गया है. बरसात होने के कारण इसमें हल्का करेंट आ रहा है.
