जमशेदपुर : टाटा स्टील खनिज के सुरक्षित रख-रखाव पर 2300 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वर्तमान में आयरन, पैरॉक्सनाइट या सामान्य बालू को खुले आसमान के नीचे रखने नुकसान की संभावनाएं बनी रहती है और बारिश क्वालिटी में प्रभावित होती है. इसे देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने रॉ मैटेरियल मैनेजमेंट (आरएमएम) के अधिकारियों को बड़े शेड बनाने को कहा है ताकि खनिज को सुरक्षित रखा जा सके.
उक्त राशि पांच साल में खर्च की जायेगी तथा बहुमूल्य खनिज को प्राथमिकता के तौर पर इन शेड में सुरक्षित रखा जायेगा. बताया जाता है कि आरएंडडी विभाग ने रिपोर्ट में आसमान में खनिज को रखने से होने वाले नुकसान की बात कही है.
कन्वेयर बेल्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर : खनिज के ट्रांसपोर्टेशन को लेकर होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए कन्वेयर बेल्ट या पाइपलाइन के इस्तेमाल पर कंपनी जोर दे रही है. इससे कंपनी को नुकसान कम होगा और ट्रांसपोर्टिंग कम होगी.
2030 के लिए हो रही है तैयारी
टाटा स्टील द्वारा वर्ष 2030 से सारे माइंस के होने वाले ऑक्शन को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गयी है. 2030 से आसन्न संकट को देखते हुए खनिज का इस्तेमाल बेहतर तरीके से करने के लिए प्रबंधकीय तौर तरीके अपनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसको लेकर एमडी ने अधिकारियों के साथ बैठक की है.
