गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं ग्रामीण

प्रखंड क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. सुबह 9 से शाम 5 बजे तक गर्म हवाएं चलती है, जिससे लोगों का घर के निकलना मुश्किल हो गया है.

बरकट्ठा़ प्रखंड क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. सुबह 9 से शाम 5 बजे तक गर्म हवाएं चलती है, जिससे लोगों का घर के निकलना मुश्किल हो गया है. गर्मी बढ़ने के साथ-साथ पेयजल संकट की समस्या भी गहराने लगी है. प्रखंड क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक चापाकल खराब पड़े हैं. कहीं-कहीं चापाकल से 10-15 बार चलाने पर थोड़ा सा पानी निकल रहा है. पानी की सबसे अधिक समस्या सिजुआ, ऊपरैलीडेबो, हेठलीडेबो, पांतीतीरी, करंडो, पाला, बसरामों, चेचकप्पी, बरकट्ठा उतरी व दक्षिणी गांव में है. बरकट्ठा प्रखंड मुख्यालय परिसर में बनी जलमीनार शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. बरकट्ठा उतरी मुखिया प्रतिनिधि बसंत साव ने बताया कि निर्माण के कुछ माह बाद से ही जलमीनार खराब है. कई बार हम लोग अधिकारियों को इसे ठीक कराने का आग्रह किया, लेकिन अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है. मालूम हो कि 15-16 वर्ष पहले 3.70 करोड़ रुपये की लागत से यहां 50 हजार गैलन क्षमता की जलमीनार बनायी गयी थी. जलापूर्ति के लिए बरकट्ठा बाजार व कई वार्ड में पाइप बिछा कर जलापूर्ति करने की योजना थी. भाजपा मंडल अध्यक्ष भोला प्रसाद ने कहा कि इस गर्मी में यह जलमीनार चालू हो जाती तो यहां के लोगों को काफी सहूलियत होती. समाजसेवी पीतांबर नायक ने कहा कि इसको लेकर कई बार पेयजल स्वच्छता विभाग और वरीय पदाधिकारी के बीच पत्राचार किया गया है.

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