हजारीबाग. हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले का आरोपी पुलिसकर्मी पंकज सिंह उर्फ रजनीश सिंह अपने सगे-संबंधियों के खाते में अवैध निकासी का पैसा ट्रांसफर करता था. जांच के दौरान पुलिस ने पंकज के मौसेरे भाई के नाम पर जमा एफडी को गुरुवार को फ्रीज कर दिया. पंकज के मौसेरे भाई साैरभ कुमार सिंह के नाम से एसबीआइ में 90 व 60 लाख रुपये के दो एफडी की जानकारी जांच टीम को मिली थी. वहीं पंकज के भाई राजेश कुमार सिंह के नाम एचडीएफसी बैंक में एक लाख की जमा राशि की जानकारी पुलिस को मिली है. इस राशि को भी पुलिस ने फ्रीज किया है. पंकज सिंह हंटरगंज थाना क्षेत्र के पिंडराकला गांव का रहनेवाला है. उसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में इंटर तक की पढ़ाई की बात कही है. 2012 में उसकी बहाली हजारीबाग जिला बल में आरक्षी पद पर हुई थी. 2016 में उसकी प्रतिनियुक्ति पुलिस ऑफिस लेखा शाखा में हुई थी. इसी दौरान उसने लेखा का कार्य सीखा था. उसके बाद कुबेर पोर्टल के कमियों को जाना और लेखा शाखा में कार्य के दौरान फर्जी निकासी के तरीके को सीख लिया. वह कर्मी की राशि टेंपररी आइडी से ट्रांसफर करता था. उन बाल आरक्षियों के वेतन मद से बहुत ज्यादा पैसा डालकर पे-रॉल को डीडीओ से साइन करा लेता था. जब डीडीओ से साइन कराने जाता था, तो जिन बाल आरक्षी का वेतन साइन कराना होता था, उस पेज को निकाल लेता था. जिससे लेखापाल, प्रधान लिपिक व डीडीओ को कुछ पता नहीं चल पाता था. डीडीओ के हस्ताक्षर के बाद कंप्यूटर में ऑनलाइन एक नया अस्थायी आइडी अपने परिवार व परिचित के नाम पर बनाकर उसमें उसका खाता नंबर इंट्री कर देता था. इस काम को एक अन्य आरोपी शंभु कुमार लेखा शाखा में कई वर्षों से करता आ रहा था.
आरोपी पंकज के रिश्तेदार के दो एफडी फ्रीज
हजारीबाग ट्रेजरी घोटाला
