सरकार जनता के अनुकूल नहीं है.
विधायक ने जोर देकर कहा कि 2013 अधिनियम के तहत विस्थापितों को मुआवजा और नौकरी मिलनी चाहिए. लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता अपने अधिकारों की मांग करती है, तो उन्हें कोल कंपनियों द्वारा जेल भेजा जाता है. इससे स्पष्ट होता है कि सरकार जनता के अनुकूल नहीं है.मुख्यमंत्री का बयान सनातन धर्म के खिलाफ है.
धार्मिक मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार को घेरा. चौधरी ने कहा कि रामनवमी सनातन धर्म का मुख्य पर्व है और इस अवसर पर डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है. उन्होंने महुदी गांव में जुलूस निकालने पर प्रशासन द्वारा रोक को गैरकानूनी बताया और कहा कि मुख्यमंत्री का बयान सनातन धर्म के खिलाफ है.इसके अलावा उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का घर कंपनी द्वारा गिराये जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि बिना सहमति, रोजगार और मुआवजा दिये किसी का घर गिराना अपराध है और इसका जिम्मेदार सरकार है. श्री चौधरी ने कांग्रेस नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में होने के बावजूद वर्तमान सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजसू पार्टी के केंद्रीय सदस्य संदीप कुशवाहा, तापेश्वर कुमार तापस, रवि राम और घनश्याम कुशवाहा भी मौजूद थे.
