कटकमसांडी. हजारीबाग जिले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है. पदमा और कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर मृतक के परिजनों को चार दिनों तक भटकना पड़ा. दोनों थानों द्वारा एक-दूसरे के क्षेत्र का हवाला देकर शिकायत लेने से इंकार करने के बाद वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप पर अंततः 18 अप्रैल को पदमा थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया. मामला कटकमसांडी थाना क्षेत्र के असधीर गांव निवासी 21 वर्षीय सूरज कुमार राम का है. वह 24 मार्च को अपने दोस्त नकुल भुइयां के बुलावे पर रामनवमी जुलूस देखने के लिए केदारुत गांव गया था. 25 मार्च की रात मां से अंतिम बार बात करने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. 31 मार्च को पदमा पुलिस ने केदारुत रेलवे पटरी के पास एक अज्ञात शव बरामद किया और 72 घंटे तक पहचान नहीं होने पर लावारिस समझकर अंतिम संस्कार कर दिया. इधर, परिजनों ने खोजबीन के बाद 14 अप्रैल को कटकमसांडी थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी. शक के आधार पर केदारुत पहुंचने पर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जतायी. इसके बाद जब परिजन पदमा थाना पहुंचे तो उन्हें कटकमसांडी भेज दिया गया, वहीं कटकमसांडी पुलिस ने घटनास्थल पदमा बताते हुए वापस लौटा दिया. आखिरकार उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पदमा थाना में नकुल भुइयां, पवन भुइयां, अभिषेक कुमार और बेबी देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.
चार दिन भटके परिजन, तब दर्ज हुआ हत्या का केस
सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
