हजारीबाग. शहर स्थित गायत्री शक्तिपीठ के प्रांगण में मंगलवार को भगवान महावीर की जयंती मनायी गयी. इसमें गायत्री परिवार, जैन समुदाय के लोग तथा कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए. गायत्री परिवार के स्थानीय उपजोन नरेंद्र विद्यार्थी ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के ””अहिंसा परमो धर्म”” का उपदेश आज पूरी दुनिया की जरूरत है. उनके बताये मार्ग पर चलकर ही आम इंसान जीवन के उच्च लक्ष्य को हासिल कर सकता है. ””जियो और जीने दो”” की विचारधारा के साथ जीवन मिलजुल कर बिताया जा सकता है.
आध्यात्मिक कार्यों में है समानता
गायत्री शक्तिपीठ के संस्थापक सह प्रथम मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी डुंगरमल जैन ने कहा कि गायत्री परिवार और जैन समुदाय के कई आध्यात्मिक कार्यों में समानता है. श्री जैन ने इस अवसर पर अपना 48वां आध्यात्मिक जन्म दिवस भी मनाया. मौके पर जेपी जैन, रविंद्र कुमार, संजीव कुमार झा, स्वरूप चंद जैन, आनंद कुमार जैन और राजेंद्र कुमार गुप्ता ने भी विचार रखे.
