हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूलों को सोमवार को छह नये सहायक आचार्य मिले हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा. नियुक्ति पत्र मिलने के बाद शिक्षकों में खुशी का माहौल है और उन्होंने इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता बताया.
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मिला नियुक्ति पत्र
रांची के प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यभर के चयनित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया. इसी क्रम में हजारीबाग जिले के लिए भी छह शिक्षकों का चयन किया गया. नियुक्ति पत्र पाने वाले शिक्षकों में दिलीप कुमार, समीर सिकरवार, सुधीर राम, संतोष कुमार, पुरनेशर राम और राजेश कुमार भाऊ शामिल हैं. सभी चयनित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त किया और सरकार के प्रति आभार जताया.
सरकारी स्कूलों में मजबूत होगी शिक्षा व्यवस्था
जिले में नये सहायक आचार्यों की नियुक्ति को शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. लंबे समय से कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी. ऐसे में नये शिक्षकों की नियुक्ति से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद बढ़ी है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नये शिक्षकों की तैनाती से स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी.
लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद चयनित शिक्षकों ने खुशी जाहिर की. शिक्षक दिलीप कुमार ने कहा कि यह सफलता लंबे संघर्ष और मेहनत का परिणाम है. उन्होंने कहा कि अब पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को पढ़ाने का काम करेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति से युवाओं को रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
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जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में हजारीबाग के जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद थे. अधिकारियों ने चयनित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की सलाह दी. शिक्षा विभाग का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की नियुक्तियों से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा तथा विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
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