हजारीबाग से जयनारायण की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान छह माह के बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया. घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और लापरवाही का आरोप लगाया. मृतक बच्चे की पहचान इचाक थाना क्षेत्र के खुटरा निवासी मिथलेश प्रसाद के पुत्र कार्तिक राज के रूप में हुई है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा.
उल्टी की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था बच्चा
परिजनों के अनुसार छह माह के कार्तिक राज को लगातार उल्टी हो रही थी. उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिवार वाले उसे इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे थे. मृतक बच्चे के पिता मिथलेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे को सूई लगाई गई, जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई. उनका कहना है कि कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद परिवार के लोग आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाने लगे.
अधीक्षक की गाड़ी के सामने बैठकर किया विरोध
बच्चे की मौत से नाराज परिजन अस्पताल अधीक्षक के वाहन के सामने बैठ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे. परिजनों का कहना था कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी. अस्पताल परिसर में हंगामे की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ. घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
जिला प्रशासन ने गठित की जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं. अस्पताल अधीक्षक अनुकरण पूर्ति ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के मजिस्ट्रेट सह अंचल अधिकारी और चिकित्सीय टीम संयुक्त रूप से मामले की जांच करेगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा.
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परिजनों ने कार्रवाई की मांग की
मृतक बच्चे के परिजनों ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अस्पताल में इलाज व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है.
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