......विनोबा भावे विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों की गोष्ठी आयोजित

.शिक्षकों के लिए विवि का दरवाजा हमेशा खुला रहेगा

हेडिंग…शिक्षकों के लिए विवि का दरवाजा हमेशा खुला रहेगा हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय में मंगलवार को सेवानिवृत्त शिक्षकों की गोष्ठी का आयोजन अतिथि भवन में किया गया. इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने शिक्षकों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया. गोष्ठी में कुलपति ने सेवानिवृत्त शिक्षकों का स्वागत किया और कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा आपका रहेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके दरवाजे शिक्षकों के लिए हमेशा खुले रहेंगे. कुलपति ने शिक्षकों से विश्वविद्यालय से जुड़ी शिकायतों और सुझावों को खुलकर रखने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि इन पर गंभीरता से विचार किया जायेगा. यह संभवत: पहला अवसर था जब किसी कुलपति ने अवकाश प्राप्त शिक्षकों से प्राथमिकता के आधार पर मुलाकात की. संघ ने यह भी अनुरोध किया कि अन्य संस्थानों की तरह विश्वविद्यालय में भी ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा उपलब्ध करायी जाये. साथ ही, आयकर से संबंधित चार्ट सभी शिक्षकों के व्हाट्सएप पर भेजा जाये, ताकि वे आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें. पदोन्नति और पेंशन वृद्धि की व्यवस्था संघ ने उन सेवानिवृत्त शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की, जिनकी पदोन्नति लंबित है. 80 वर्ष की आयु पूरी करने पर पेंशन में 20% वृद्धि का लाभ स्वतः मिलना चाहिए, क्योंकि इसके लिए आवश्यक कागजात विश्वविद्यालय के पास पहले से मौजूद रहते हैं. गोष्ठी में 148 सेवानिवृत्त शिक्षकों ने भाग लिया, जबकि 162 शिक्षकों ने आने की सूचना दी थी. मौके पर वित्त सलाहकार अखिलेश शर्मा और कुलानुशासक प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह भी उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में डॉ. केपी शर्मा, डॉ. गोविंद पांडेय, डॉ. एसबी चौधरी, डॉ. सीपी शर्मा, डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. मंजुला संगा सहित कई वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे. धन्यवाद ज्ञापन सेवानिवृत्त डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने दिया. संघ के सचिव डॉ. शुभ नारायण सिंह ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर कुलपति का ध्यान आकर्षित किया. इसमें मुख्य बातें हैं. – महीने की पहली तारीख को पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाये. – सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों को राज्य सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिले. – अवकाश प्राप्ति की तिथि से 6 महीने पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जाएं, ताकि पीएफ, लीव एनकैशमेंट और एलआईसी भुगतान में देरी न हो. – पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान समय पर किया जाये. – डीए (महंगाई भत्ता) में बढ़ोतरी होने पर शिक्षकों को तुरंत जानकारी दी जाये. यदि किसी प्रकार का बकाया भुगतान किया जाता है, तो उसकी स्पष्ट सूचना शिक्षकों को दी जाये.

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Author: VIKASH NATH

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