हजारीबाग. राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विष्णुगढ़ की घटना को आत्मा को झकझोर देनेवाला अपराध बताया है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलना उनका मानवीय दायित्व था. मंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. वित्त मंत्री सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि पीड़िता को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाना और पुख्ता साक्ष्य जुटाना सरकार की पहली जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि पीड़िता के परिवार के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. परिवार की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता मात्र 12 हजार रुपये की नौकरी के लिए हजार किलोमीटर दूर काम करने गये थे. उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से एक लाख रुपये की मदद की घोषणा की. कहा कि, पॉक्सो एक्ट के तहत 25 प्रतिशत अग्रिम राशि उपलब्ध करायी जा रही है. इसके अतिरिक्त परिवार को सोलर पंप, मंईयां सम्मान योजना का लाभ और अन्य सुविधा देने की बात भी कही. मंत्री ने कहा कि भाजपा द्वारा हजारीबाग बंद का आह्वान राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को सिस्टम पर भरोसा रखना चाहिए और संवैधानिक माध्यमों से अपनी बात रखनी चाहिए. मंत्री ने आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों में पूरे मामले का खुलासा हो जायेगा तथा अपराध नियंत्रण को लेकर जल्द समीक्षा की जायेगी.
दोषियों की पहचान कर कड़ी सजा दिलाना सरकार की पहली जिम्मेदारी
विष्णुगढ़ की घटना पर वित्त मंत्री बोले
