सर्वधर्म समभाव से ही समाज में शांति संभव

नव भारत जागृति केंद्र में जिला लोक समिति की ओर से परिचर्चा व इफ्तार का आयोजन

हजारीबाग. नव भारत जागृति केंद्र के अमृतनगर परिसर में सोमवार को हजारीबाग जिला लोक समिति व जागृति सोशियो इकॉनोमिक इम्पावरमेंट सर्विसेज की ओर से सर्वधर्म समभाव परिचर्चा तथा दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया. इसमें आपसी सम्मान, शांति और सौहार्द्र बनाये रखने पर जोर दिया गया. लोक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिजा सतीश ने कहा कि दुनिया के विभिन्न धर्मों के महापुरुषों ने समाज में फैली कुरीतियों, अन्याय और अज्ञान के खिलाफ आवाज उठायी है. उनका उद्देश्य मनुष्य को सत्य, नैतिकता और मानवता के मार्ग पर चलाना रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर फैले अंधविश्वास, पाखंड, शोषण और भेदभाव को समाप्त कर धर्म के मूल मानवीय संदेश को समझना जरूरी है. शमशेर आलम ने सभी धर्मों के सम्मान को भारत की एकता-अखंडता का मूल मंत्र बताया. अधिवक्ता अरविंद झा ने विश्व में शांति के लिए धर्मों के मूल संदेश को अपनाने पर बल दिया. जेपी आंदोलनकारी अर्जुन यादव ने सांप्रदायिकता और कट्टरवाद को समाज के लिए घातक बताया. मो मुअज्जम ने कहा कि रोटी, कपड़ा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर समाज को ध्यान देने की जरूरत है. अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता स्वरूपचंद जैन ने की. संचालन शंकर राणा ने किया. इसके बाद इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >