…….बिराखाप गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी, ग्रामीणों ने उठायी आवाज

चरही पंचायत के बिराखाप गांव में मंगलवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा

चरही. चरही पंचायत के बिराखाप गांव में मंगलवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा. इस गांव में करीब 60 घरों में 334 संताल आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं, लेकिन अब भी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है. सड़क, पानी और सिंचाई की समस्याएं राजू सोरेन ने बताया कि गांव में सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे ग्रामीण मजदूरी करने पर मजबूर हैं. विक्रम पॉल बेसरा ने कहा कि सिंचाई सुविधा की कमी के कारण ग्रामीण मौसमी खेती पर निर्भर हैं. सलमान बेसरा ने मनरेगा योजना से बनी सड़क के अब तक अधूरे रहने पर चिंता जतायी. चारो सोरेन ने कहा कि बोकारो नदी से बिराखाप गांव तक पक्की सड़क नहीं है, जिससे बरसात के दिनों में भारी परेशानी होती है. रोजगार और अन्य विकास कार्यों की मांग बसंती किस्कू ने कहा कि महिलाओं के लिए रोजगार के कोई साधन नहीं हैं. कांतिलाल सोरेन ने शहीद तापस सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की. लक्ष्मण हेम्ब्रोम ने कहा कि सरकार शहीद गांवों के विकास की बात करती है, लेकिन बिराखाप में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ. इस कार्यक्रम में महेश सोरेन, अरविंद हेम्ब्रोम, देवीलाल हेम्ब्रोम, सुरजी मरांडी, हीरामुनि हेम्ब्रोम, शिवराम सोरेन, मार्सल बेसरा, रामदेव सोरेन, फ्रांसीस सोरेन, जीतेंद्र बेसरा, आतिश सोरेन, सुखदेव सोरेन, बीरेंद्र सोरेन सहित कई ग्रामीणों ने अपनी बातें रखीं. सरकार और प्रशासन से जल्द इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जतायी गयी.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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