शोभायात्रा सरहुल मैदान हजारीबाग से प्रारंभ होकर नया बस स्टैंड, सरदार चौक, पंचमंदिर चौक, झंडा चौक, इंद्रपुरी चौक, जिला परिषद चौक और बिरसा चौक होते हुए सरना स्थल पर पहुंचेंगी. इसके बाद अखाड़ा सरहुल मैदान में सामूहिक नृत्य का आयोजन होगा. इस अवसर पर शहर और आसपास की 20 से अधिक सरना समितियाँ भाग लेंगी, जिनमें चरही, बदुरलतवा, पतरातू, कोर्रा, सिंघानी, बिरूआ कॉलोनी, बहरनपुर, दरूआ कुरूआ बरही, कटकमसांडी और अन्य समितियां शामिल हैं.
इधर सदर प्रखंड के गुरहेत पंचायत के बहरनपुर गांव में भी सरहुल उत्साहपूर्वक मनाया गया. इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह शामिल हुए. आयोजन समिति के महेश तिग्गा, सुरेश तिग्गा और बसंत केरकेट्टा ने अतिथियों का स्वागत किया. मांदर की थाप पर ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया. मुन्ना सिंह ने कहा कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है. इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.सरहुल के पूर्व संध्या कलश स्थापना, शोभायात्रा आज
सरहुल महापर्व आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति और धरती माता के प्रति आस्था का प्रतीक माना जाता है
