हजारीबाग. हजारीबाग-बगोदर मार्ग (एनएच-522) पर स्थित आठ माइल का दो दशक पुराना भूमि विवाद आखिरकार खत्म हो गया. हजारीबाग न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम ने 52 डिसमिल जमीन पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान छह महिलाओं ने विरोध करते हुए खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए शटर तोड़कर सभी को बाहर निकाला.
जेसीबी से दो मकान और एक निर्माण ध्वस्त
महिलाओं को बाहर निकालने के बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से 52 डिसमिल जमीन पर बने दो पक्के मकान और कारकेट शीट से बने एक निर्माण को पूरी तरह हटा दिया. अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की गयी.
20 वर्षों से न्यायालय में चल रहा था विवाद
कारू साव व मल्लू साव व 12 अन्य के बीच इस जमीन को लेकर करीब 20 वर्षों से विवाद न्यायालय में चल रहा था. न्यायालय के निर्देश पर विष्णुगढ़ सीओ नित्यानंद दास को मजिस्ट्रेट नियुक्त कर जमीन खाली कराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी.
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
अवैध निर्माण हटाने के दौरान मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. अधिवक्ता धनेश्वर ठाकुर, एसआइ आशीष कुमार सिंह, एसआइ दशरथ महतो और एसआइ क्लोदियस बरजो समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था.
