हजारीबाग. यूजीसी के नये रेगुलेशन के विरोध में सोमवार को सवर्ण एकता मंच के बैनर तले पुराना समाहरणालय चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने हाथ में काला पट्टा बांधकर विरोध जताया. यूजीसी रोल बैक के नारे लगाये. धरना में शामिल वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी का नया रेगुलेशन छात्रों और युवाओं के हितों के खिलाफ है. पहले इस मुद्दे पर बंद कमरों में चर्चा और बैठकें हो रही थीं, लेकिन अब जनभावनाओं को देखते हुए इसे सड़क तक लाना पड़ा है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द इस पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. जरूरत पड़ने पर इसे सड़क से सदन तक ले जाया जायेगा. मुख्य वक्ता डॉ प्रभात प्रधान, मुन्ना सिंह उर्फ रमाकांत सिंह, नंद किशोर पांडेय, दिलीप वर्मा, अशोक देव, भालचंद मिश्रा, किरण दुबे व अपराजिता पांडेय सहित अन्य ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे नियम लागू करना उचित नहीं है, जिससे युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े. सरकार को छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस रेगुलेशन को वापस लेना चाहिए. धरना का नेतृत्व मुख्य संयोजक मुकेश कुमार सिंह व संयोजक सुबोध ओझा ने किया. संचालन कन्हैया कुमार सिंह ने किया. मौके पर दीपक नाथ सहाय, बप्पी कर्ण, सुनील सिंह राठौर, अजय शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.
यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में सवर्ण एकता मंच का धरना
वक्ताओं ने कहा-यूजीसी का नया रेगुलेशन छात्रों और युवाओं के हितों के खिलाफ
