हजारीबाग. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कुम्हारटोली में तीन दिवसीय विद्यालय आचार्य कार्यशाला का समापन हुआ. विभाग निरीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से शिक्षा देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आचार्य पहले स्वयं को अपडेट करें. कक्षा में नवाचार अपनायें, तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है. प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू ने कहा कि आचार्यों का दायित्व है कि वे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करें. जिससे उनका समग्र विकास हो सके. उन्होंने विद्यालय की वार्षिक कार्ययोजना, विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी. समिति सदस्य डॉ चेतलाल प्रसाद ने पीपीटी पर प्रकाश डाला. पूर्व प्रधानाचार्य जयनारायण पांडेय ने कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को आगामी सत्र में लागू करने का आह्वान किया. धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी आचार्य अनिल कुमार ने किया.
पंचपदी शिक्षण पद्धति अपनाने पर जोर
आचार्य कार्यशाला संपन्न
