हजारीबाग. चार मई को आंधी और झमाझम बारिश से जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गयी है. मंगलवार को भी शहर के कई इलाकों में बिजली संकट रहा. हालात ऐसे हैं कि कई क्षेत्रों में 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. घरों में पानी संकट और मोबाइल चार्जिंग की समस्या आम है. इसे लेकर लोगों में आक्रोश है. साकेतपुरी मुहल्ले में 28 घंटे से बिजली नहीं है. बताया जा रहा है कि एक सूखा पेड़ बिजली तार पर गिर गया था, जिससे पूरे इलाके की सप्लाई बाधित हो गयी. समाचार लिखे जाने तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया था. इंद्रपुरी चौक में करीब 24 घंटे बाद और मटवारी क्षेत्र में 17 घंटे बाद बिजली बहाल हुई. शहर से सटे पसई सबस्टेशन की स्थिति भी चिंताजनक है. जहां पिछले 27 घंटे से बिजली बाधित है. विभागीय जानकारी के अनुसार डेमोटांड़ से नरसिंह स्थान जाने वाली 33 केवीए लाइन में खराबी आयी है. करीब चार किमी लंबी लाइन में फॉल्ट ढूंढने में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. इसके कारण कुद, रेवाली, महुडर, मसरातू, कटकमदाग, मुर्गीटांड़, पसई, बनादाग और बेनदी समेत कई गांवों के हजारों उपभोक्ता अंधेरे में हैं.
जलापूर्ति प्रभावित, 6000 घरों तक नहीं पहुंचा पानी
पिछले दो दिनों से बिजली संकट की वजह से शहरी जलापूर्ति प्रभावित हुई है. मंगलवार को छड़वा डैम से शहर को पीने का पानी नहीं मिल पाया. जानकारी के अनुसार छड़वा डैम सब स्टेशन से शहरी जलापूर्ति के फीडर को बिजली आठ घंटे बाद मिली. जिसके कारण छड़वा डैम से पानी टंकी में स्टॉक नहीं हो पाया. नगर निगम क्षेत्र में करीब छह हजार घरों में पेयजलापूर्ति छड़वा डैम से की जाती है. नगर निगम के सिटी मैनेजर अरुण बाउरी ने कहा कि मंगलवार को शहरी जलापूर्ति को बिजली मिलना शुरू हो गया है. बुधवार को पर्याप्त पानी लोगों को मिलेगा.
दारू के दर्जनों गांव 30 घंटे से बिजली संकट झेल रहेदारू प्रखंड के दर्जनों गांव भी पिछले 30 घंटे से बिजली संकट झेल रहे हैं. कनहरी-सिलवार लाइन में तेज हवा के कारण चार मई को फॉल्ट आ गया था. पेड़ और डालियां बिजली तार पर गिरने से सप्लाई बाधित हो गयी थी. साथ ही सिलवार सबस्टेशन में जंपर कट जाने से स्थिति और बिगड़ गयी. विभाग की ओर से लाइन पेट्रोलिंग का कार्य जारी है. समाचार लिखे जाने तक बिजली बहाल नहीं हो पायी थी.