हजारीबाग. अष्टानिका महापर्व पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का तीसरा दिन बाड़म बाजार दिगंबर जैन मंदिर में उल्लास के साथ संपन्न हुआ. प्रातःकाल में श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा का कार्यक्रम हुआ. शांतिधारा का सौभाग्य कैलाशचंद जी, कुसुम पटौदी तथा ज्ञानचंद जी आशा बड़जात्या को प्राप्त हुआ. बाल ब्रह्मचारी पंडित मनोज भैया (ललितपुर) के सानिध्य में संगीतकार राकेश (टीकमगढ़) ने मधुर संगीत पेश की. इंद्रों द्वारा प्रस्तुत भक्ति नृत्य एवं मैना सुंदरी वर्षा काला की मनोहारी प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. राकेश के मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे. यज्ञनायक राजकुमार प्रेमा टोंग्या ने मंडप में हवन माला का जाप किया. पंडित बाल ब्रह्मचारी मनोज भैया ने बताया कि यह महापर्व आठ दिनों तक इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि आठ दिन आत्मशुद्धि की क्रमिक साधना का प्रतीक है. प्रत्येक दिन विशेष पूजन, विधान और आध्यात्मिक उन्नति का एक चरण है. उन्होंने तीसरे दिन को मंत्रोच्चार, गूढ़ विधान, धर्मसभा एवं प्रवचन का दिन बताया. मीडिया प्रभारी विजय जैन ने बताया कि इन दिनों हजारीबाग नगर धर्ममय एवं आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर है. समाज के अध्यक्ष नागेंद्र विनायका एवं महामंत्री संजय अजमेरा ने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ एवं पुण्यार्जन की अपील की.
श्रीजी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
अष्टानिका महापर्व
