हजारीबाग. झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ ने समाहरणालय गेट के समक्ष मंगलवार को धरना दिया. संघ ने कहा कि बिना काम करने वाली महिलाओं को सरकार मंईयां योजना के तहत 2500 रुपये दे रही है. जबकि आठ घंटे काम करने वाली महिलाओं को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल रहा है. इस संबंध में संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है. जिसमें सभी रसाेइया, संयोजिका का न्यूनतम वेतन लागू करने, संयोजिका एवं अध्यक्ष को रसोइया के तर्ज पर मानदेय देने, रसोइया को स्थानीय नियमावली के तहत 60 साल की उम्र सीमा समाप्त करने, काम करने के दौरान चोट लगने या जलने पर अंग क्षतिपूर्ति का लाभ देने, मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता देने, रसोइया संयोजिका को पेंशन स्कीम से जोड़ने व एपीएफ से जोड़कर पीएफ काटने की मांग की गयी. संघ ने राज्यभर के कई स्कूलों में काम करने के दौरान जल गयी रसोइया को इलाज का खर्च भुगतान करने की मांग की. धरना में संघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र राम पासवान, सचिव आरती वर्मा, कौशल्या देवी सहित काफी संख्या में रसोइया-संयोजिका शामिल थीं.
रसोइया-संयोजिका संघ का धरना
न्यूनतम मानदेय व पेंशन की मांग
