खाद्य पदार्थों के दाम में उछाल
चौपारण. प्रखंड में रसोई गैस की भारी किल्लत ने जनजीवन को गहराई से प्रभावित कर दिया है. गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के कारण आम लोगों से लेकर होटल संचालकों तक सभी परेशान हैं. सुबह से ही गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.
15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है
होटल चेतना प्लेस के मालिक मनोज यादव ने बताया कि गैस की कमी का सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है. होटल और ढाबा संचालकों को मजबूरी में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं. पांच रुपये की चाय अब दस रुपये में और सात रुपये का समोसा दस रुपये में बेचना पड़ रहा है. ब्रह्मऋषि समाज के अध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा कि नाश्ता से लेकर थाली तक के रेट में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है.
वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेने के कारण लागत बढ़ गयी हैसमाजसेवी नागेन्द्र कुशवाहा और भुनेश्वर यादव ने बताया कि गैस न मिलने के कारण होटल संचालकों को महंगे वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गयी है. वहीं असीम चटर्जी उर्फ छोटू दा, दशरथ साव और जितेंद्र यादव उर्फ जीतू यादव ने कहा कि घरों में लोग लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने को मजबूर हैं. इससे समय की बर्बादी और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ रहे हैं. कई छोटे चाय होटल गैस के अभाव में बंद हो चुके हैं और कई बंद होने के कगार पर हैं.
