हजारीबाग. विष्णुगढ़ की नाबालिग के साथ दुष्कर्म और जघन्य हत्या को लेकर सोमवार को हजारीबाग जिला बंद रहा. हजारीबाग शहर, झुमरा, दारू, टाटीझरिया, विष्णुगढ़ के अधिकतर व्यवसायिक प्रतिष्ठानें बंद रहे. लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस घटना पर विरोध जताया. सांसद मनीष जायसवाल, विधायक मनोज यादव ने हजारीबाग शहर के विभिन्न मार्गों की दुकानों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया. सांसद ने कहा कि हजारीबाग की मासूम बेटी के साथ जो कुछ हुआ है, वह मानवता पर कलंक है. सोये हुए प्रशासन को जगाने के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा. सांसद ने शहर के झंडा चौक, मेन रोड, पैगोड़ा चौक, नवाबगंज, अन्नदा चौक, कांग्रेस ऑफिस रोड, भगत सिंह चौक, पंचमंदिर चौक, सेठ मुहल्ला, महावीर स्थान चौक, जादो बाबू चौक, कुआं चौक सहित अन्य क्षेत्रों में घूम-घूमकर बंद का समर्थन करने की अपील की. खुले हुए प्रतिष्ठान में जाकर हाथ जोड़कर दुकान बंद करने का आग्रह किया. बंद कराने में जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह, अनिल मिश्रा, हरीश श्रीवास्तव, सुदेश चंद्रवंशी, सत्येंद्र नारायण, भैया अभिमन्यु, अजय साहू, दिनेश सिंह राठौर, रेणुका साहू, आनंद देव, शेफाली गुप्ता, जयनारायण प्रसाद, शंकरलाल गुप्ता, इंद्रनाथ कुशवाहा, विनोद झुनझुनवाला, रिंकू वर्मा, रितेश सिन्हा, चंदन सिंह, किशोरी राणा सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे.
विष्णुगढ़ की घटना की सीबीआइ जांच हो : अंबा प्रसाद
हजारीबाग. विष्णुगढ़ की घटना के विरोध में सोमवार को जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन हुआ. पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर डिस्ट्रिक्ट चौक पर कैंडल मार्च निकाला. डीसी-एसपी का पुतला दहन किया. अंबा प्रसाद ने कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस प्रशासन की विफलता है. उन्होंने मामले की जांच सीबीआइ से कराने, पीड़ित परिवार को मुआवजा व पुनर्वास देने की मांग की. साथ ही राज्य में महिला आयोग के गठन की मांग भी दोहरायी. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है. पत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के निलंबन और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की गयी है.
चौपारण, पदमा व केरेडारी में बंद का नहीं दिखा असर