पुरोहित यीशु ख्रीस्त के प्रतिनिधि हैं : बिशप आनंद जोजो सैकड़ों पुरोहितों ने की पौरोहित्य प्रतिज्ञा का नवीनीकरण हजारीबाग. स्थानीय कैथेड्रल में बुधवार को हजारीबाग डायोसिज का क्रिस्मा मिस्सा आयोजित किया गया. डायोसिज सहित विभिन्न प्रदेशों से आये सैकड़ों पुरोहित एकजुट हुए. कार्यक्रम की शुरुआत सुबह गहन आध्यात्मिक एकत्र (रिकलेक्शन) से हुई. उन्होंने पुरोहितों को सेवा के महत्व और पौरोहित्य जीवन की चुनौतियों पर मार्गदर्शन दिया. शाम पांच बजे मुख्य क्रिस्मा मिस्सा शुरू हुई, जिसमें सभी पुरोहितों ने औपचारिक रूप से अपनी पौरोहित्य प्रतिज्ञाओं का नवीनीकरण किया. इस दौरान कैथेड्रल को फूलों, मोमबत्तियों और पवित्र चिह्नों से सजाकर भक्तिमय वातावरण बनाया गया. बिशप आनंद जोजो ने अपने संदेश में कहा कि पुरोहित यीशु ख्रीस्त के प्रतिनिधि हैं. उनकी मुख्य गुणवत्ता दूसरों की सेवा करना है, जिसमें विनम्रता और निष्ठा सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि यह नवीनीकरण सभी को याद दिलाता है कि उनकी सेवा प्रभु के प्रेम का प्रतिबिंब होनी चाहिए. इस अवसर पर क्रिस्म, ऑयल ऑफ कैटेक्यूमेन्स और ऑयल ऑफ सिक तीनों पवित्र तेलों का भी विशेष आशीर्वाद दिया गया. मिस्सा को भक्तिमय बनाने में कोयर की सराहनीय भूमिका रही. सिस्टर नील सुमन गिध एवं सिस्टर अनिता मिंज के कुशल संचालन में कोयर ने मधुर एवं आध्यात्मिक भक्ति गीतों से समूची सभा को भाव-विभोर कर दिया. उनके नेतृत्व में प्रस्तुत गीतों ने मिस्सा के प्रत्येक क्षण को अर्थपूर्ण और दिव्य बना दिया.
हजारीबाग डायोसीज में क्रिस्मा मिस्सा धूमधाम से संपन्न
स्थानीय कैथेड्रल में बुधवार को हजारीबाग डायोसिज का क्रिस्मा मिस्सा आयोजित किया गया
