शहर के कई पेट्रोल पंप दो दिन से ड्राई पेट्रोल-डीजल के लिए अफरा-तफरी

अफवाह के कारण बढ़ी पेट्रोल-डीजल की मांग, जरूरत से ज्यादा तेल खरीदने की मची होड़

हजारीबाग. शहर में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. स्थिति यह है कि पेलावल पेट्रोल पंप, जैन पेट्रोल पंप, पर्ल पेट्रोल पंप और मटवारी पेट्रोल पंप सहित चार प्रमुख पंप पिछले दो दिनों से पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं. इन पंपों के बंद होने से शहर के शेष पेट्रोल पंपों पर भारी दबाव बढ़ गया है. शनिवार को कारगिल पेट्रोल पंप, लक्ष्मी पेट्रोल पंप, रामनगर पेट्रोल पंप और झंडा चौक पेट्रोल पंप के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. लक्ष्मी पेट्रोल पंप पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती करनी पड़ी. शहर व आसपास पेट्रोल पंप में डीजल और पेट्रोल की कमी की अफवाह से लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे हैं. जहां पहले बाइक चालक 50-100 रुपये का तेल भरवाते थे, वहीं अब 500 रुपये तक का तेल भरवाते देखे गये. अचानक बढ़ी मांग के कारण वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

डीजल की कमी का असर औद्योगिक गतिविधियों पर भी

पेट्रोल पंप ड्राई होने से एनटीपीसी की कोयला ढुलाई बुरी तरह प्रभावित हुई. जानकारी के अनुसार कोयला ढुलाई में लगे करीब 1200 वाहनों के संचालन के लिए प्रतिदिन लगभग 30 हजार लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में केवल 12 हजार लीटर की आपूर्ति हो पा रही है. नतीजतन, ढुलाई कार्य महज 20 प्रतिशत तक सिमट गया है.

स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित :

शहर में पेट्रोल डीजल की क्राइसिस से स्वास्थ्य सेवा भी अछूती नहीं रहीं. शनिवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी डीजल की कमी देखने को मिली. जेनरेटर संचालन प्रभावित होने से मरीजों और परिजनों को डेढ़ से दो घंटे तक भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा. अस्पताल के अधीक्षक अनुकरण पूर्ति ने बताया कि पहले जैन पेट्रोल पंप से उधार डीजल मिलता था, लेकिन उसके ड्राई होने के बाद अब कैश में कारगिल पेट्रोल पंप से डीजल खरीदने की अनुमति दी गयी है.

शादी के कार्ड पर गैलन भर तेल

शादी-विवाह वाले घरों की परेशानी अलग ही है. जेनरेटर चलाने के लिए डीजल नहीं मिलने से लोग खासा परेशान हैं. कारगिल पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति ने बताया कि शादी का कार्ड दिखाने के बाद ही गैलन में डीजल दिया जा रहा है.

पंप संचालकों के वित्तीय प्रबंधन में कमी के कारण यह स्थिति

हालांकि, जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव ने पेट्रोल-डीजल की कमी से साफ इनकार किया है. उन्होंने बताया कि जिले में तेल की कोई कमी नहीं है. 24 अप्रैल को पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की गयी थी. कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि अब पेट्रोल पंपों को उधार में तेल देने की व्यवस्था बंद कर दी गयी है. पंप संचालकों के वित्तीय प्रबंधन में कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, न कि आपूर्ति की कमी के कारण. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल की खरीदारी करें, ताकि स्थिति सामान्य बनी रह सके.

राज्य में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में कमी नहीं : मासूम परवेज

बरही. झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मासूम परवेज ने बताया कि राज्य में डीजल व पेट्रोल की कोई कमी नहीं है. राज्य में पांच तेल डिपो हैं, जिनमें से दो डिपो सीधे पाइपलाइन से जुड़े हुए हैं. झारखंड को प्रत्येक दिन पेट्रोल 1750 केएल यानी 17 लाख 50 हजार लीटर व डीजल 3450 केएल यानी 34 लाख 50 हजार लीटर की आपूर्ति मिल रही है. अप्रैल माह में झारखंड के प्रत्येक पेट्रोल पंप को उसके कोटे से 10 प्रतिशत अधिक तेल की आपूर्ति की गयी है. उन्होंने वाहन मालिक उपभोक्ताओं से कहा है कि वे तेल के लिए अफरातफरी न मचायें. इससे भ्रम व अव्यवस्था होती है. चिंता में डीजल खरीद कर अपने-अपने घर में नहीं रखें. तेल अत्यंत ज्वलनशील है. इससे घर में हादसा होने का खतरा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >