गेंदा फूल की खेती से आत्मनिर्भर बन रहे किसान

बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मानव विकास संस्था से जुड़कर किसान अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. संस्था द्वारा चामुदोहर में संचालित कृषक गुरुकुल और अन्य गांवों में पहली बार गेंदा फूल की खेती की गयी है.

बरकट्ठा. बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मानव विकास संस्था से जुड़कर किसान अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. संस्था द्वारा चामुदोहर में संचालित कृषक गुरुकुल और अन्य गांवों में पहली बार गेंदा फूल की खेती की गयी है.

खेती से बढ़ी आमदनी

गेंदा फूल का उत्पादन बढ़ने से किसान आत्मनिर्भर होकर अपनी जीविका चला रहे हैं. यह फूल शादी-विवाह, घर की सजावट और जन्मदिन समारोह में उपयोग होता है, जिससे इसकी बाजार में मांग अधिक बनी रहती है. किसान सोहन टुडू, रोहित टुडू और अशोक मुर्मू ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार फूल की खेती शुरू की, तो उन्हें लगा कि यह उनके क्षेत्र में सफल नहीं होगी. लेकिन अपने प्रयासों से उन्होंने खेती की और आज प्रति दो से चार दिन में बाजार में फूल बेचकर अच्छा लाभ कमा रहे हैं.

40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री

संस्था सचिव बीरबल प्रसाद ने बताया कि किसान गेंदा फूल को बरकट्ठा, बगोदर और हजारीबाग में ले जाकर 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं. इसकी खेती देखकर अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं. शादी-विवाह के सीजन में अधिक मुनाफा होने से किसान काफी खुश हैं और उन्होंने संस्था सचिव का आभार जताया है.

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