हजारीबाग: बरकट्ठा में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: गंभीर मरीज को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में हुई खराब

बरकट्ठा में 108 एंबुलेंस खराब होने से किडनी मरीज की हालत बिगड़ी। परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा, स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर लोगों में भारी आक्रोश।

बरकट्ठा: बरकट्ठा में जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था सवाल उठ रहे हैं. बुधवार को बरकट्ठा बाजार निवासी 55 वर्षीय नीलू देवी जो लंबे समय से किडनी रोग से पीड़ित है. दोपहर अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं. उनकी बिगड़ती हालत को देख परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें बरकट्ठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां से चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग रेफर कर दिया.

परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा बुलाई और मरीज को लेकर हजारीबाग के लिए रवाना हुए, लेकिन सरकारी व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब बीच रास्ते में ही 108 एंबुलेंस खराब हो गई. अचानक एंबुलेंस बंद हो गया. गंभीर रूप से बीमार मरीज की सांसें अटकी रहीं. दूसरी तरफ परिजनों को भारी परेशानियों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा.

मजबूरन परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद एक निजी (प्राइवेट) एंबुलेंस की व्यवस्था की. किसी तरह मरीज को हजारीबाग अस्पताल पहुंचाया. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है. बसंत साव ने झारखंड सरकार की लचर और जर्जर एंबुलेंस सेवा पर तीखा सवाल उठाया. उन्होंने सरकार से बरकट्ठा सामुदायिक अस्पताल में नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है.


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By Reyej

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