बड़कागांव से संजय सागर की रिपोर्ट
Barkagaon News: मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ हरीश बुद्धू की बेटी सचिता बुद्धू अपने पति अजय बुद्धू के साथ गुरुवार को हजारीबाग के बड़कागांव पहुंचीं. सुबह 8:15 बजे वे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उतरीं, जहां उनके पैतृक गांव बड़कागांव और अन्य क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका भव्य स्वागत किया.
रांची एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
रांची एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखा गया. फूल-मालाओं और पारंपरिक सम्मान के साथ सचिता बुद्धू और उनके पति अजय बुद्धू का अभिनंदन किया गया. स्वागत करने वालों में बड़कागांव प्रखंड के सिमरातरी गांव के कई गणमान्य लोग शामिल थे. मुख्य रूप से राम लखन महतो, दिलीप कुमार महतो, कुशवाहा समाज के अध्यक्ष सोहनलाल मेहता, ग्राम अध्यक्ष केदार प्रसाद दांगी, ग्राम उपाध्यक्ष दिलीप कुमार, ग्राम सचिव कमल कुमार, ग्राम कोषाध्यक्ष सिकंदर महतो, अजीत कुमार राम, लखन महतो, ईश्वरी महतो, कैलाश महतो, दौलत महतो, दीपक महतो, अशोक महतो, सुरेंद्र प्रसाद दांगी, अरुण महतो, रामू महतो, तिलनाथ महतो और कंचन महतो समेत कई लोग उपस्थित थे.
पैतृक गांव सिमरातरी पहुंचने को लेकर उत्साह
सचिता बुद्धू अपने पैतृक गांव हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित सिमरातरी गांव आ रही हैं. सिमरातरी गांव हजारीबाग जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर दूर बड़कागांव के नयाटांड़ पंचायत में स्थित है. पूर्व उप प्रधानमंत्री की बेटी और दामाद के आगमन की खबर से पूरे गांव में उत्साह का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है कि उनके गांव की बेटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले परिवार से जुड़ी है और अपनी जड़ों से जुड़ने यहां आ रही हैं.
गैर-राजनीतिक है यह यात्रा
सचिता बुद्धू के चचेरे भाई और सिमरातरी निवासी दिलीप कुमार महतो ने बताया कि उनका यह दौरा पूरी तरह गैर-राजनीतिक है. वे अपने परिवारजनों और रिश्तेदारों से मिलने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि गांव के लोग लंबे समय से उनके आने का इंतजार कर रहे थे. इस यात्रा का उद्देश्य केवल पारिवारिक मिलन और अपने पूर्वजों की धरती से जुड़ाव को मजबूत करना है.
1991 में डॉ हरीश बुद्धू का ऐतिहासिक दौरा
वर्ष 1991 में मॉरीशस के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री डॉ हरीश बुद्धू अपनी धर्मपत्नी डॉ सरिता बुद्धू के साथ अपने पिता की जन्मभूमि सिमरातरी पहुंचे थे. उस समय भी गांव में उनका भव्य स्वागत हुआ था. उनके दौरे को गांव के विकास के संदर्भ में ऐतिहासिक माना जाता है. ग्रामीणों के अनुसार, डॉ हरीश बुद्धू ने उस समय गांव के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने की पहल की थी.
गांव के विकास में मिला था प्रेरणा संदेश
कुशवाहा समाज के अध्यक्ष सोहनलाल मेहता ने बताया कि डॉ हरीश बुद्धू ने 1991 में हजारीबाग में एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसका उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देना था. उन्होंने खासकर बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया और लोगों को शिक्षित समाज की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उनकी प्रेरणा से बड़कागांव के तत्कालीन प्रमुख गुरुदयाल महतो ने बालिका उच्च विद्यालय की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। इससे क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा को नया आयाम मिला और सामाजिक बदलाव की शुरुआत हुई.
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जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक बना दौरा
पूर्व उप प्रधानमंत्री की बेटी-दामाद का यह दौरा एक बार फिर गांव और प्रवासी भारतीयों के बीच भावनात्मक संबंधों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक पारिवारिक यात्रा नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है. सिमरातरी गांव में उनके स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं. गांव के लोग पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन करने को उत्साहित हैं. इस आगमन ने पूरे क्षेत्र में गौरव और खुशी का माहौल बना दिया है.
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