आदिवासी छात्र संघ ने सीएम का पुतला फूंका
हजारीबाग : आदिवासी विरोधी नीति एवं सीएनटी- एसपीटी एक्ट में किये जानेवाले संशोधन को लेकर आदिवासी छात्र संघ समेत कई संगठनों ने समाहरणालय के समक्ष झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला जलाया. इसमें आदिवासी छात्र संघ के अलावा यंग ब्लड आदिवासी समाज, सरना समाज, कैथोलिक सभा, कैथोलिक युवा संघ के सदस्य शामिल हुए. इसका नेतृत्व आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष सुशील ओडया ने किया. पुतला दहन कार्यक्रम में शहर के अलावा गांव के आदिवासी समाज के सदस्य शामिल हुए. पुतला दहन आदिवासी छात्र मोरचा रांची के आह्वान पर किया गया.
वक्ताओं ने कहा कि रघुवर दास की सरकार आदिवासी और मूलवासी विरोधी है. सीएनटी एवं एसपीटी में संशोधन से आदिवासियों की स्थिति और भी दयनीय हो जायेगी. सरकार की आदिवासी विरोधी नीति का लगातार विरोध किया जायेगा. छात्र संघ ने उन आदिवासियों नेताओं, संगठनों का विरोध किया, जिन्होंने सरकार के बहकावे में आकर एक्ट में संशोधन के लिए लोगों को प्रेरित किया. पुतला दहन कार्यक्रम में विमल बिरूआ, महेंद्र बेक, दिलीप मिंज, कुलजीत लकड़ा, अनिल टुडू, कुलेश्वर मुर्मू, रोहित कच्छप, सत्येंद्र मुंडा, रंजीत लिंडा, प्रदीप कुजूर, दिलीप कुजूर, अशोक उरांव, सुनील तिर्की, अभिषेक बारला, आकाश सांगा, पवन तिर्की, रमेश हेंब्रोम, रवि लिंडा, समीर हेरेंज, विनोद लिंडा
मौजूद थे.
झारखंड बंद का समर्थन करेगा खतियानी परिवार
खतियानी परिवार ने मंगलवार को कालीबाड़ी रोड स्थित कार्यालय की बैठक में आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच का 12 नवंबर को झारखंड बंद में शामिल होने का निर्णय लिया. बैठक बाबूभाई विद्रोही, पूर्व मंत्री देवदयाल कुशवाहा, राजीव महतो, मो हकीम, हंजला हाशमी, मो इम्तियाज, मंजु शर्मा, शारदा देवी मौजूद थे.
