हजारीबाग : झील स्थित जल पथ प्रमंडल हजारीबाग परिसर में लगे आम के फलदार पेड़ को काट दिया गया. उक्त पेड़ में प्रत्येक वर्ष भारी मात्रा में आम के फल लगते थे. पेड़ के काट दिये जाने से कार्यालय के सभी कर्मी हतप्रभ हैं. मिली जानकारी के अनुसार जिस स्थल पर पेड़ था, उसके बगल में शौचालय का निर्माण हो रहा था. सहायक अभियंता ने आनन-फानन में पेड़ को कटवा दिया.
अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि परिसर में एक एकड़ से अधिक जमीन खाली है. उसमें शौचालय बनाया जा सकता था. ऐसा नहीं कर फलदार वृक्ष को काट दिया गया. पेड़ को काटने में वन विभाग की सहमति नहीं ली गयी. हो हल्ला होने पर कार्यपालक अभियंता ने सहायक अभियंता को तलब किया है. कीमती लकड़ी को भी अपने निजी काम के लिए ले जाया गया है.
क्या है नियम
पेड़ काटने से पहले उसे वन विभाग से एनओसी लेना जरूरी है. इसके लिए आवेदन देना है. आवेदन की स्वीकृति होने के बाद पेड़ काटा जा सकता है.
वन विभाग नहीं दे रहा था अनुमति : एइ
सहायक अभियंता अर्जुन सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पेड़ काटने के लिए वन विभाग अनुमति नहीं दे रहा था. दो साल से आवेदन लंबित था.
