हजारीबाग की संस्कृति को बचाना जरूरी: सिंह

हजारीबाग : हजारीबाग-ए-करेडल ऑफ कल्चर को लेकर एक दिवसीय प्रमंडलीय सेमिनार शुक्रवार को आयुक्त सभागार में हुआ. इसमें प्रमंडल के सभी सात जिलों के जन सूचना पदाधिकारी के आलावा प्रबुद्व लोग व कलाकार शामिल हुए. उदघाटन डीआइजी उपेंद्र कुमार सिंह, चतरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो इफ्तेखार आलम, बुल्लू इमाम, जगदीश देवधरिया व अजय कुमार […]

हजारीबाग : हजारीबाग-ए-करेडल ऑफ कल्चर को लेकर एक दिवसीय प्रमंडलीय सेमिनार शुक्रवार को आयुक्त सभागार में हुआ. इसमें प्रमंडल के सभी सात जिलों के जन सूचना पदाधिकारी के आलावा प्रबुद्व लोग व कलाकार शामिल हुए. उदघाटन डीआइजी उपेंद्र कुमार सिंह, चतरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो इफ्तेखार आलम, बुल्लू इमाम, जगदीश देवधरिया व अजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया.
डीआइजी ने कहा कि हमलोग विकास के मामले में आगे निकल रहे हैं और हमारी संस्कृति पीछे छूटती जा रही है. हजारीबाग झारखंड को संस्कृति के प्रति जागरूक किया है.
बड़कागांव में मेगालिथ का और रामगढ़ जिले में ऐसे ही कई ऐतिहासिक महत्व की संस्कृति हैं, जिन्हें सहेज कर रखनी की जरूरत है. फैज अनवर ने बताया कि पेंट माइ सिटी के तहत राज्य में 18 हजार वर्ग फीट दीवारों को रंगने का काम किया है. हजारीबाग संस्कृति मामले एक धरोहर के समान है. अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर उभारने की जरूरत है. जस्टिस इमाम ने कहा कि सोहराय कला, बड़कागांव के महुदी पहाड़, कोहबर कला ये सभी झारखंड के सांस्कृतिक धरोहर हैं.
लोग अपनी इस पहचान देनेवाली संस्कृति के प्रति उदासीन हो रहे हैं. उनकी जागरूकता में कमी आ रही है. दर्जनों वक्ताओं ने हजारीबाग की संस्कृति को बचाने की बात कही. इन सांस्कृतिक स्थलों को सरकार पर्यटन स्थल बनाने के लिये आगे आये. संचालन योगिता कुमारी ने किया. कार्यक्रम में उपनिदेशक आनंद के अलावे मीडिया कर्मी मौजूद थे.

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