आंगनबाड़ी केंद्रों में 71 हजार बच्चे पोषाहार से वंचित

हजारीबाग : गोदामों में अनाज पड़े हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में गरीबों के बच्चे भूखे पढ़ रहे हैं. पिछले एक माह से जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में खिचड़ी बनने के लिये चावल उपलब्ध नहीं हैं. इस कारण 71 हजार गरीब बच्चे पोषाहार से वंचित हैं. पोषाहार नहीं मिलने के कारण केंद्रों में बच्चों की […]

हजारीबाग : गोदामों में अनाज पड़े हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में गरीबों के बच्चे भूखे पढ़ रहे हैं. पिछले एक माह से जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में खिचड़ी बनने के लिये चावल उपलब्ध नहीं हैं. इस कारण 71 हजार गरीब बच्चे पोषाहार से वंचित हैं. पोषाहार नहीं मिलने के कारण केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति पर प्रभाव पड़ रहा है. जेएसएफसी के अनुसार चावल के आवंटन में कोई कमी नहीं है. तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है.
क्यों नहीं मिल रहा पोषाहार
अप्रैल 2015 से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार का चावल पीडीएस दुकान से उपलब्ध कराया जा रहा है. आंगनबाड़ी सेविका केंद्र के अनुसार चावल की मांग सीडीपीओ से की जाती है. सीडीपीओ केंद्र की जरूरत के अनुसार चावल की मांग जेएसएफसी से करती है. उनकी मांगों के अनुसार जेएसएफसी स्टोर इश्यू अॉर्डर बनाता है. इसके बाद पीडीएस दुकानदारों तक चावल पहुंचता है.
हालांकि सीडीपीओ चावल की मांग परियोजना वार कर रही हैं, जबकि जेएसएफसी प्रखंड स्तर पर चावल का आवंटन करता है. अब समस्या यह है कि एक परियोजना में कई प्रखंड हैं. सीडीपीओ की ओर से प्रखंडवार आंगनबाड़ी की सूची गोदाम को उपलब्ध नहीं करायी जाती है. इस कारण जरूरत के अनुसार चावल आंगनबाड़ी केंद्रों तक नहीं पहुंच पाता है.
एक गोदाम से कई प्रखंडों के पीडीएस दुकानों तक पहुंचता है चावल
गोदामों से प्रखंड की पीडीएस दुकानों तक चावल का उठाव होता है. एक गोदाम से कई प्रखंडों में चावल पहुंचता है, जबकि अधिकतर गोदाम एक प्रखंड के लिये आवंटित है. उठाव की तिथि भी निर्धारित है. बाजार समिति गोदाम नंबर एक से चुरचू प्रखंड, डाडी, टाटीझरिया, दारू प्रखंड के चावल उठाव होता है. वहीं गोदाम नंबर दो से कटकमसांडी, कटकमदाग, सदर व शहरी क्षेत्र का चावल उठाव होता है.
विष्णुगढ़ गोदाम से विष्णुगढ़, इचाक गोदाम से इचाक, केरेडारी से केरेडारी, बड़कागांव से बड़कागांव,पदाम से पदमा,चौपारण से चौपारण, बरकट्ठा से बरकट्ठा, चलकुशा से चलकुशा प्रखंड का चावल उठाव होता है. जेएसएफसी के प्रबंधन ने चावल उठाव के लिये पत्रांक 226 दिनांक 26 जून 2015 और पत्रांक 298 दिनांक 29 जुलाई 2015 के अलावा कई बार तकनीकी गड़बड़ी ठीक करने के लिए कहा है. इसके बावजूद सीडीपीओ की ओर से कोताही बरती जा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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