कनहरी पहाड़ की जैव विविधता संरक्षण पर जोर

जैव विविधता प्रबंधन समिति सदस्यों के साथ बैठक

हजारीबाग. झारखंड के पहले जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में घोषित कनहरी पहाड़ की जैव संपदा के संरक्षण को लेकर सोमवार को संबंधित जैव विविधता प्रबंधन समिति सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष विश्वनाथ साह ने की. अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित इस बैठक का उद्देश्य जैव विविधता विरासत स्थल, वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन के प्रति लोगों को जागरूक करना था. बैठक में पौता, सिंदूर, सिंघानी, बड़ासी, करवेकला ग्राम पंचायत जैव विविधता प्रबंधन समिति तथा हजारीबाग जिला परिषद जैव विविधता प्रबंधन समिति के सदस्य शामिल हुए.

प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी

विश्वनाथ साह ने कहा कि कनहरी पहाड़ को झारखंड का पहला जैव विविधता विरासत स्थल घोषित किया गया है, इसलिए इसकी प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि यहां सतवार, बंदरलोरी, अर्जुन, छतवन, रामदूत वन और मुसली जैसे कई औषधीय पौधे प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं. उन्होंने समिति सदस्यों से अपील की कि वनस्पतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा बाहरी लोगों की गतिविधियों की सूचना वन विभाग को दें. साथ ही जंगलों में मिलने वाले औषधीय पौधों की अवैध बिक्री रोकने पर भी जोर दिया. इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष ने वन समिति सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं तथा संरक्षण कार्यों को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की. मौके पर पूर्वी वन प्रमंडल के डीएफओ विकास उज्जवल, वन विभाग के मुकेश, गौतम, अमन, ओमप्रकाश, पकंज, संतोष, दिनेश पांडेय, आशीष कुमार, अजीत, सुजीत टोप्पो सहित अन्य वनरक्षी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >