पिंकी ने आपबीती सुना किया जागरूक

हजारीबाग : जिले के टाटीझरिया प्रखंड के डुमर गांव की पिंकी कुमारी ने बाल विवाह के प्रति छात्राओं को जागरूक किया. गुरुवार को राजकीय कन्या पल्स उवि में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पिंकी ने अपनी आप बीती सुना कर बाल विवाह के विरुद्ध आवाज बुलंद करने […]

हजारीबाग : जिले के टाटीझरिया प्रखंड के डुमर गांव की पिंकी कुमारी ने बाल विवाह के प्रति छात्राओं को जागरूक किया. गुरुवार को राजकीय कन्या पल्स उवि में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में पिंकी ने अपनी आप बीती सुना कर बाल विवाह के विरुद्ध आवाज बुलंद करने का आह्वान किया. कार्यक्रम में टाटीझरिया के डुमर गांव से पहुंची पिंकी कुमारी ने अपने ऊपर घटी बाल विवाह की घटना को सुनाया. उसने कहा कि वर्ष 2013 में वह मैट्रिक में थी. उसी समय उसके माता-पिता ने बगल के गांव में शादी तय कर दी. जब मुझे इसकी जानकारी हुई , तो मैने इसका पुरजोर विरोध किया.
परिवार के आगे मेरी एक न चली. पड़ोसियों से मदद मांगा. मगर पड़ोसियों से भी कोई सहयोग नहीं मिला. फिर मैने टाटीझरिया थाना पहुंच कर पूरी बात बतायी. 18 वर्ष से कम उम्र का प्रमाण पत्र भी उसने थाना प्रभारी को दिखाया. इसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने मदद की. परिवार वालों को बुला कर पिंकी की बाल विवाह शादी करने से मना किया. पिंकी ने आगे कहा कि बाल विवाह नहीं करने की प्रेरणा स्कूल समय वर्ष 2012 में एक कार्यक्रम से मिली थी. पिंकी ज्ञान ज्योति मेमोरियल कॉलेज हजारीबाग में इंटर की छात्रा है.
आगे वह पढ़कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है. वीडियो वैन रवाना हुआ: स्वयंसेवी संस्था ब्रेक थ्रू की ओर से वीडियो वैन रवाना हुआ. अभियान देश बनाम बाल विवाह जागरूकता फैलाने के लिए वीडियो वैन की शुरुआत की गयी. जिला शिक्षा पदाधिकारी सरिता दादेन, सिविल सर्जन डॉ आरएस वंदना, संस्था के डायरेक्टर सोनाली खान ने वीडियो वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह वीडियो वैन 21 फरवरी तक हजारीबाग के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर खेल, फिल्म व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों में बाल विवाह पर जागरूकता फैलायेगा. मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
डीइओ सरिता दादेल ने कहा कि बच्चियां अपने अधिकार को पहचानें. उन्हें जागरूक होने की जरूरत है. बेटियों को पढ़ना है आगे बढ़ना है. सीएस डॉ वंदना ने कहा कि बेटियां सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. बाल विवाह का विरोध करना है. संस्था के डायरेक्टर सोनाली खान ने कहा कि कम उम्र में विवाह करके हम सभी बच्चियों का विकास रोक देते हैं.
बच्चियों के स्वास्थ्य से लेकर कैरियर पर प्रभाव पड़ता है. बच्चियां यौन हिंसा व घरेलू हिंसा का शिकार बनती है. उन्होंने कहा बिहार-झारखंड में बाल विवाह के खिलाफ संस्था आंदोलन चला रही है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चियां, अभिभावक, शिक्षक व कई सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद थे.
डर के आगे जीत नाटक प्रस्तुत किया गया
बाल विवाह रोकथाम को लेकर संस्था के कलाकारों ने डर के आगे जीत नाटक प्रस्तुत किया. इसमें मुकेश राम प्रजापति, धनंजय कुमार, सुरेंद्र सुदेश, मिथुन कुमार तिवारी, रंजनी लकड़ा व डोली कुमारी कलाकारों ने भाग लिया. कार्यक्रम में बाल विवाह का विरोध करनेवाली टाटीझरिया, डुमर गांव की पिंकी कुमारी व शहर की महिला बस चालक नंदनी चक्रवर्ती, गुरुकुल के जेपी जैन को उनके बेहतर कार्यो पर संस्था की ओर से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाध्यापक राम इकबाल सिंह ने भी बाल विवाह के रोकथाम पर अपने विचार प्रकट किये. कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के स्टेट मैनेजर ज्योति प्रसाद, मैनेजर पीआर एंड कम्युनिकेशन, दिलीप त्रिपाठी, मैनेजर आलोक भारती ने सहयोग दिया.

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