मामला: महुआ व्यवसायी के यहां छापामारी का
बरही : प्रभात खबर के 23 जनवरी के अंक में पुलिस व प्रेस के नाम पर महुआ गोदाम में छापामारी शीर्षक से खबर छपी थी. खबर में बरही थाना प्रभारी का भी पक्ष छपा था. जिसमें थाना प्रभारी ने मामले की छानबीन करने की बात कही थी. कथित पुलिस व पत्रकार के बीच मिलीभगत के उक्त मामले में घटना की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था.
डीएसपी का बयान 24 जनवरी के प्रभात खबर के अंक में घटना की जांच कर करूंगा कार्रवाई : सुनील कुमार शीर्षक से खबर छपी. प्रभात खबर में छपी इस खबर की कटिंग बरही के एक व्यवसायी व केसरवानी वैश्य सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामदेव प्रसाद केसरी ने 24 जनवरी से ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. अपने पोस्ट में श्री केसरी ने लिखा बरही में छोटे व्यापारी से अवैध वसूली में तथाकथित पत्रकार व पुलिस चौथा स्तंभ को किया जा रहा है दागदार.
डीएसपी बरही ने दिया परदाफाश का आश्वासन.
दो कथित पत्रकारों में बौखलाहट: प्रभात खबर की उक्त खबर व सोशल मीडिया के पोस्ट से दो स्थानीय पत्रकारों में बौखलाहट होने लगी. दोनों कथित पत्रकारों ने सोशल मीडिया के उक्त पोस्ट के नीचे टिप्पणी कर अपनी घबराहट जाहिर कर दी.
दोनों ने प्रतिष्ठित व्यवसायी के नाम लेकर उनके विरुद्ध टिप्पणी कर धमकाया. प्रभात खबर के स्थानीय प्रतिनिधि को भी अप्रत्यक्ष रूप से चरित्र हनन किया. हालांकि प्रभात खबर में छपी रिपोर्ट में व व्यवसायी श्यामदेव प्रसाद केसरी के पोस्ट में उक्त दोनों कथित पत्रकारों के नाम का उल्लेख नहीं था. अब लोग चोर की दाढ़ी में तिनका वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं. साफ हो गया है कि छोटे महुआ व्यवसायी का भयादोहन करनेवाले में कथित पुलिस के साथ कौन कथित पत्रकार संलिप्त थे.
पुलिस ने लिया संज्ञान: घटना के बाद हजारीबाग एसपी अखिलेश झा बरही थाना आकर पुलिसकर्मियों को फटकार लगायी. एक पुलिस अधिकारी को बरही थाना से हटा दिया. एक-दूसरे पुलिस अधिकारी के विरुद्ध बताया गया है कि प्रोसिडिंग की गयी है. इस बात क पुष्टि नहीं हो सकी है कि एसपी ने उक्त कार्रवाई कथित पुलिस व कथित पत्रकार द्वारा महुआ व्यवसायी के यहां छापामारी के मामले में की है या अन्य मामले में.
