– मामला कटकमसांडी प्रखंड के ढौठवा पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी के अपहरण का
– कटकमसांडी थाना में दर्ज मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना
कटकमसांडी : कटकमसांडी प्रखंड के ढौठवा पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी के अपहरण का मामला अदालत में झूठा साबित हुआ. जयप्रकाश केसरी ने कटकमसांडी थाना में दर्ज अपहरण के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी आरएस मिश्र की अदालत में 164 का बयान देकर अपहरण को झूठा साबित कर दिया. आनन-फानन में पुलिस द्वारा दर्ज अपहरण मामला कटकमसांडी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पूरा मामला कटकमसांडी में प्रमुख व उपप्रमुख चुनाव को लेकर है.
क्या है मामला : कटकमसांडी में प्रमुख और उपप्रमुख का चुनाव आठ जनवरी को होना है. पंचायत समिति सदस्य की कुल संख्या 22 है. 12 पंचायत समिति सदस्य के समर्थन वाला उम्मीदवार प्रमुख बनेगा. आठ तारीख को ही प्रमुख पद के उम्मीदवार नामांकन करेंगे.
उसी समय स्पष्ट होगा कि कौन-कौन चुनाव मैदान में हैं. ढौठवा के पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी अपने समर्थक प्रमुख उम्मीदवार के साथ बैठक कर रहे थे. इसी बीच दूसरे गुट के प्रमुख उम्मीदवार के लोग केसरी की पत्नी को बरगला कर कटकमसांडी में उसके पति के अपहरण का मामला दर्ज करने के लिए आवेदन दिला दिया. जबकि कटकमसांडी पुलिस ने आवेदन मिलने के बाद जयप्रकाश केसरी से मोबाइल पर संपर्क किया.
जयप्रकाश केसरी ने किसी भी प्रकार के अपहरण की बात नहीं कही. फिर भी पुलिस पूरी स्थिति को जानने के बाद भी आनन-फानन में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया. तत्काल रात में ही जयप्रकाश केसरी कटकमसांडी थाना पहुंच कर किसी भी तरह के अपहरण की बात से इनकार किया. लेकिन पुलिस रात भर थाने में बैठाये रखा.
उठ रहे हैं सवाल : पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी ने कोर्ट में 164 के बयान में बताया है कि पत्नी को राजकुमार यादव के घर जाने की बात कह कर निकला था. सवाल यह उठ रहा है कि जयप्रकाश केसरी का घर ढौठवा गांव में है.
ढौठवा से कटकमसांडी थाना की दूरी 20 किमी है. जयप्रकाश केसरी के अपहरण का आवेदन रात आठ बजे कटकमसांडी थाना में उसकी पत्नी रेखा देवी देती है. आवेदन में उसकी पत्नी यह भी लिखती है कि मेरे पति को गांव के राजकुमार यादव, बासदेव यादव, विनोद यादव, प्रदीप शर्मा, और सोहर राणा हथियार के बल पर जबरन घसीटते व गाली-गलौज देते हुए ले गये. उनका अपहरण हो गया है.
कटकमसांडी थाना पुलिस उनकी पत्नी के आवेदन मिलने और उनके साथ उपस्थित राजनीतिक दल के नेताओं को देखने के बाद पंसस जयप्रकाश केसरी से मोबाइल पर बात भी करती है जिसमें श्री केसरी कहते हैं कि मेरा अपहरण नहीं हुआ है. हम थाना आ रहे हैं. जयप्रकाश केसरी थोड़ी देर में शहर से थाना पहुंच गये. पुलिस जयप्रकाश केसरी को हिरासत में ले लेती है.
डीएसपी के दबाव में मामला दर्ज नहीं हुआ : एसपी : एसपी अखिलेश झा ने कहा कि पंचायत समिति सदस्य का अपहरण का मामला किसी डीएसपी के दबाव में नहीं किया गया है. उनकी पत्नी ने आवेदन दिया तो पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया. उनकी पत्नी को थाना कौन लेकर आया था इसकी जानकारी मुझे नहीं है.
कोई भी आदमी थाना में आवेदन देता है तो मामला दर्ज होता है. एसपी ने कहा कि कोर्ट के अलावा मेरे पास भी जयप्रकाश केसरी ने बयान दिया कि पत्नी ने गलतफहमी में अपहरण का मामला दर्ज कराया है. मैंने केसरी से कहा है कि पत्नी को संभाल कर रखो.
अदालत में कहा, मेरा अपहरण नहीं हुआ : न्यायिक दंडाधिकारी आरएस मिश्र की अदालत में पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी ने 164 का बयान दिया. मेरी पत्नी रेखा देवी ने मेरे अपहरण का जो एफआइआर कटकमसांडी थाना में किया है वह गलत है. मैं केस वापस लेना चाहता हूं.
तीन जनवरी को मैं घर से पूर्व मुखिया राजकुमार यादव के घर से एक घंटे में आ रहा हूं,यह कह कर निकला था. मैं राजकुमार यादव के घर गया. वहां से हम और राजकुमार गाड़ी से हजारीबाग चले गये. घर आने में देर होने पर पत्नी घबराहट में मेरे अपहरण का मामला कटकमसांडी थाना में दर्ज करा दिया. पत्नी ने गलतफहमी में एफआइआर दर्ज कराया है.
पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी के अपहरण का मामला दर्ज : कटकमसांडी थाना में तीन जनवरी को ढौठवा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य जयप्रकाश केसरी के अपहरण का मामला दर्ज हुआ. कटकमसांडी थाना कांड संख्या 2/16 धारा 364, 365, 506, 504, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया. जयप्रकाश केसरी के अपहरण को लेकर पत्नी रेखा देवी ने कटकमसांडी थाना में आवेदन दिया है.
इसमें कहा है कि मेरे घर से तीन जनवरी की रात आठ बजे राजकुमार यादव, बासुदेव यादव, विनोद यादव, प्रदीप शर्मा, सोहर राणा हथियार के बल पर जयप्रकाश केसरी को घर में बाजबरन घसीटते हुए गाली-गलौज देते हुए बोलेरो गाड़ी जेएच02/2367 पर बैठा कर ले गये.
जब मैं अपने पति से मोबाइल से संपर्क करना चाहती हूं तो ऊपर से धमकी दिया जाता है कि ज्यादा फोन से बात करोगी तो तुम्हारे पति को जान मार कर फेंक देंगे. मैं इन व्यक्तियों से काफी भयभीत हूं. इनलोगों का गांव में अच्छा चरित्र नहीं रहा है. इन व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई कर मेरे पति को बचाया जाये.
