हजारीबाग : जिले की सात बिजली योजना सीमेंट की कमी से दो साल से बंद है. जिसमें कई विद्युत सब स्टेशन निर्माण व एचटी लाइन विस्तार का काम बाधित है. जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है.
विभाग करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही है़. सीमेंट की कमी से विभाग का करीब दस करोड़ की योजना अधर में लटकी है. सीमेंट सरकारी दर पर संवेदकों को उपलब्ध कराना था. बिजली विभाग ने जिला प्रशासन को इस योजना को पूरा कराने के लिए 4921 बैग सीमेंट की मांग की है. विद्युत आपूर्ति अंचल ने विद्युत महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता को पत्र भी भेजा है. 22 नवंबर 2014 के पत्रांक 3137, 30 अक्टूबर 2015 के पत्रांक 2624 व पत्रांक 1194 कार्यपालक अभियंता ने नौ नवंबर 2015 को भी इसकी सूचना
दी है.
वर्षों से लंबित बिजली योजना
टाटीझरिया विद्युत सब स्टेशन का निर्माण पूरा कराने के लिए एक हजार बैग सीमेंट की जरूरत है.
इस तरह 33 /11 केवी के पसई सब स्टेशन में एक हजार, 33 केवी लाइन बनासो सब स्टेशन से टाटीझरिया तक 1653 बैग, 33 केवी छड़वा डैम से पसई लाइन के लिए एक हजार,11 केवी लाइन लोहसिंघना फीडर नंबर एक के लिए 60 बैग, 11 केवी लाइन क्रॉसिंग हटाने के लिए 70 बैग, 33 केवी लाइन टाइपिंग (132/33 केवी ग्रिड शक्ति उपकेंद्र बरही से 33/11 केवी शक्ति उपकेंद्र इटखोरी ) के लिए 138 बैग सीमेंट की जरूरत है.
योजना पूरी होने से लोगों को मिलेगी बिजली
टाटीझरिया सब स्टेशन पूरा होने से इस प्रखंड के लोगों को बेहतर बिजली मिलेगी. वर्तमान में इस प्रखंड को बिजली कवालू सब स्टेशन से मिलती है. इसकी लाइन काफी लंबी है. जिससे उपभोक्ताओं को पूरी बिजली नहीं मिल पाती है. इसी तरह पसई सब स्टेशन बनने से कटकमदाग के बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिलेगी.
