हजारीबाग से दूसरे दिन भी नहीं चलीं एक भी बसें, बस स्टैंड पर पसरा रहा सन्नाटा
हजारीबाग : हजारीबाग से दूसरे दिन भी रांची, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो के अलावा विभिन्न मार्गों पर चलनेवाली लगभग 200 बस सोमवार को नहीं चली. इससे लगभग 40 हजार यात्री प्रभावित हुए. जबकि 30 लाख रुपये के कारोबार पर असर पड़ा. हजारीबाग के निजी एवं सरकारी बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा.
रांची एसएसपी के साथ हुआ समझौता : सोमवार को वार्ता के बाद बस का परिचालन मंगलवार से शुरू होगा़ रांची के एसएसपी प्रभात कुमार, ट्रैफिक एसपी रतन चौबे के साथ प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिदानंद सिंह, ट्रक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर ओझा, संरक्षक अरुण बुधिया, हजारीबाग के महासचिव प्रदीप कुमार, अध्यक्ष जीवन गोप, उपाध्यक्ष सुनील गोप, पम्मी बस के संचालक अरशद परवेज, विकास यादव, सुबोध कुमार सिन्हा, मनोज यादव, उज्ज्वल कुमार, संजीत गोप से बातचीत हुई.
एसोसिएशन की मांग को सुन कर एसपी ने कहा कि चालक और खलासी के साथ मारपीट करनेवाले दोषियोंको चिह्नित कर कार्रवाई कीजायेगी. एसपी ने एसोसिएशन के सदस्यों से कहा कि 15 दिनों तक निर्धारित मार्ग से बस संचालित करें. आगे के दिनों में मार्ग संशोधित करने का प्रयास करेंगे.
क्या है मामला : हजारीबाग से रांची चलनेवाली पीयूष बस, हेमकुंठ बस, महाराजा बस, करण बस, ब्रज बस, विजय बस, पम्मी बस, शिवम बस, शानू बस, विशाल बस, राहुल बस, गोपी कृष्ण बस, मनोकामना बस, जय माता दी बस, शालीग्राम बस, शिव शक्ति बस, सब्बी बस के चालक व खलासी के साथ रांची के नामकुम, टाटीसिलवे एवं खेल गांव निवासियों द्वारा मारपीट करने के विरोध में 27 एवं 28 दिसंबर को रांची जाने एवं आनेवाली बसों का परिचालन बंद कर दिया गया था.
बंदी से व्यावसाय प्रभावित : बस स्टैंड में स्थित शीतल स्वीट्स के मैनेजर अतानु घोष ने बताया कि दो दिनों से बिक्री में काफी गिरावट आयी है. बस स्टैंड के अंदर और बाहर कई दुकान इस बंदी से प्रभावित हुए हैं.
रिक्शा चालक इरशाद ने बताया कि यात्री नहीं आने से रिक्शा का भाड़ा भी दो दिनों से देना मुश्किल हो गया है. पम्मी बस के मैनेजर मेराज ने बताया कि सभी रूटों पर बस नहीं चलने से कारोबार काफी प्रभावित हुआ है. यात्री अन्नदा कॉलेज की छात्रा निराला भारती, किरण शर्मा ने कहा कि कॉलेज में छुट्टी होने के बाद नया वर्ष मनाने के लिए घर जाना था.
लेकिन बस नहीं चलने से अब मैं घर नहीं जा सकूंगी. इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यात्री इधर-उधर घूम कर लोगों से जानकारी ले रहे थे कि बाबू कल बसवा चलतो कि नै. नया साल में बेटी घर जाना हलै.
