हजारीबाग : जेपी केंद्रीय कारा में छह अक्तूबर से जारी कैदियों के आमरण अनशन को लेकर सीपीएम जिला सचिव गणेश कुमार वर्मा (सीटू) ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा गया है कि हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा में 52 सजायाफ्ता कैदी अपनी सजा काटने के बाद भी यातना झेल रहे हैं.
इन कैदियों की रिहाई करने की मांग को लेकर जेल के लगभग एक हजार अंडर ट्रॉयल बंदी पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर हैं. इनमें कई लोगों की स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया है. 10 दिन के अनशन के बाद भी सरकार और जेल प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है. यह मामला सीधे-सीधे मानवाधिकार के उल्लंघन का है. सीपीएम सजा पूरी कर चुके कैदियों को जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की है.
