गरीबों को आश्रय गृह में शरण

हजारीबाग : हजारीबाग नगर निगम के आश्रय गृह में लोगों के ठहरने व विश्राम करने के लिए स्थायी रूप से व्यवस्था की गयी है. राष्ट्रीय बालिका उवि के समक्ष स्थित टैक्सी स्टैंड परिसर में तीन मंजिला इमारत को आश्रय गृह बनाया गया है. इसमें जिले के अलावा बाहर से आनेवाले लोग भी ठहर सकते हैं. […]

हजारीबाग : हजारीबाग नगर निगम के आश्रय गृह में लोगों के ठहरने व विश्राम करने के लिए स्थायी रूप से व्यवस्था की गयी है. राष्ट्रीय बालिका उवि के समक्ष स्थित टैक्सी स्टैंड परिसर में तीन मंजिला इमारत को आश्रय गृह बनाया गया है. इसमें जिले के अलावा बाहर से आनेवाले लोग भी ठहर सकते हैं. जो आश्रय गृह में ठहरना चाहेंगे, उन्हें आधार कार्ड और पता देना होगा.

इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगी. ठहरनेवालों के लिए आश्रय गृह में बेड, गद्दा, तकिया, बेडशीट, कंबल, बिजली व पानी की नि:शुल्क व्यवस्था की गयी है. यहां एक साथ 50 लोग रह सकते हैं. लोगों के लिए यह आश्रय गृह दिन-रात खुला रहेगा. यहां यात्रियों के साथ गरीब, रिक्शा चालक, ठेलावाले व बेघर लोग रह सकते हैं.

प्रबंधन की जिम्मेदारी एजेंसी को: आश्रय गृह के प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग ने निजी संस्था को दी है. विभाग इसके रख-रखाव में प्रतिमाह करीब 45 हजार रुपया खर्च करती है. एजेंसी पर शहर में जहां-तहां सोनेवाले बेघर, रिक्शावाले व यात्रियों को आश्रयगृह में रात को लाने की जिम्मेदारी दी गयी है. विभाग ने एजेंसी को इस कार्य के लिए पांच कर्मी रखने को रखा है, जिसमें एक रात्रि सुरक्षा प्रहरी, एक प्रबंधक, दो केयर टेकर एवं एक सफाई कर्मी हैं.

निगम ने बनायी जांच टीम: आश्रय गृह के संचालन व रख-रखाव के लिए नगर निगम ने जांच टीम बनायी है. टीम रात्रि में औचक निरीक्षण करेगी. सीएमएम कुमारी कृष्णा ने बताया कि गठित टीम शहर में घूम-घूम कर रात को खुले आसमान के नीचे ठंड में सोनेवाले व्यक्ति को आश्रय गृह में पहुंचाने का काम करेगी. इन्होंने कहा कि समय-समय स्वास्थ्य जांच शिविर व प्रतिदिन अलाव की व्यवस्था की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >