चरही : मलयेशिया काम करने गये जागेश्वर महतो (पिता तिलक महतो) की मौत एक नवंबर को हो गयी. वह चुरचू प्रखंड के आंगो गांव का रहनेवाला था. उसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है. पति के शव भारत लाने की मांग पत्नी सुनीता देवी ने जिला प्रशासन से की है. घटना के तीन दिन बाद भी शव अभी तक नहीं भेजा गया है. झाविमो नेता चंद्रनाथ भाई पटेल ने बताया कि जागेश्वर महतो के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है.
सितम्बर 2018 को जागेश्वर महतो मलयेशिया लाइरिको नामक ट्रांसमिशन कंपनी में काम करने गया था. एक नवंबर 2019 की शाम उनकी मौत खबर मिली. पत्नी का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही से उनकी मौत हुई है. कंपनी की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है. जागेश्वर महतो के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं. वह घर का एकलौता कमाउ सदस्य था.
चंद्रनाथ भाई पटेल ने सुनीता देवी को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात कर मृतक के आश्रितों को अविलंब नौकरी व मुआवजा की मांग की है.
