संजय सागर
बड़कागांव : झारखंड निर्माण के 19 साल बाद भी बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के बड़कागांव समेत केरेडारी के पर्यटन स्थलों का विकास नहीं हो पाया. पर्यटन विभाग ने कभी इस अोर ध्यान नहीं दिया. जबकि इस क्षेत्र में प्रसिद्ध गुफाएं (इसको, डुमारो, द्वारपाल, छगरी, गोदरी व रानीदाह गुफा), बरसो पानी, पंकरी बरवाडी का इक्विनॉक्स स्थल, बुढ़वा महादेव, जुगरा का लोटवा पहाड़, नापो का मुरली पहाड़, डुमारो जलप्रपात व केरेडारी प्रखंड का राम चिह्न, नवतनवा गुफा व कंडाबेर का माता स्थान जैसे पर्यटन स्थल हैं. लेकिन अब तक इनका विकास नहीं हो पाया है. बड़कागांव प्रखंड में दर्जनों गुफाएं हैं. इसलिए इसे गुफाओं का प्रखंड कहा जाता है, जो शैल चित्रों के लिए भी मशहूर है. बरसो पानी दुनिया का हैरतअंगेज स्थल है. यहां ताली बजाने से वर्षा होने लगती है.
क्या कहती हैं विधायक
बड़कागांव क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को लेकर मैंने कई बार विधानसभा में आवाज उठायी है. पर्यटन विभाग को भी जानकारी दी .पर कुछ नहीं हुआ. ये स्थल विकसित हो जायें, तो सरकार को राजस्व तथा इस इलाके को रोजगार मिलेगा.
निर्मला देवी, विधायक बड़कागांव
बड़कागांव केरेडारी व पतरातू प्रखंड में कई मनोरम स्थल है. लेकिन राजनीतिक दलों व सरकार के लिए इनका विकास या सुरक्षा मायने नहीं रखती. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.
प्रमोद कुमार पांडेय, शिक्षक
बड़कागांव व केरेडारी टंडवा क्षेत्र के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया. इनका विकास कर इन्हें राष्ट्रीय पटल पर लाया जा सकता है.
श्याम सुंदर तिवारी, अधिवक्ता
बड़कागांव व केरेडारी प्रखंड के पर्यटन स्थलों का अस्तित्व खतरे में है. राज्य का अधिकारी वर्ग इन गुफाअों के पर्यटक तो हैं, लेकिन इनका विकास व सुरक्षाकर्ता नहीं.
मनोज गुप्ता, अध्यक्ष सिविल सोसाइटी
