चार दशक से आस देख रहे किसानों का सपना हुआ साकार
हजारीबाग, गिरिडीह व बोकारो में 62,690 हेक्टेयर खेत को पानी
रोजाना 1700 क्यूसेक पानी छोड़ने की है परियोजना की क्षमता
हजारीबाग-विष्णुगढ : 42 वर्ष पहले शुरू हुई कोनार सिंचाई परियोजना का सपना आखिरकार साकार हो गया. 30 जुलाई को जैसे ही नहर से पानी छोड़ा गया, किसानों में अरमान पूरे होते दिखे. पिछले चार दशक से हजारीबाग, गिरिडीह व बोकारो के लाखों किसान कोनार सिंचाई परियोजना का इंतजार कर रहे थे. मंगलवार को नहर से पानी छोड़ने का ट्रायल किया गया. इस दौरान 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. यह पानी तीन जिलों के खेतों तक जायेगा और किसानों की जमीन सिंचित होगी.
क्या होगा फायदा
कोनार सिंचाई परियोजना से पानी मिलने के बाद इन तीन जिलों में कुल 62,690 हेक्टेयर खेतों में पटवन का कार्य होगा. वहीं 60 किमी क्षेत्रफल को पानी मिलेगा. इन जिलों में अब तक किसान बारिश पर ही आश्रित थे. इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के पूरा होने पर किसान सालों भर खेती कर पायेंगे.
1977 में हुई थी योजना की शुरुआत
मुख्य अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि योजना का निर्माण कार्य 1977 में शुरू हुआ था. उस वक्त इसकी प्राक्कलित राशि 11.43 करोड़ रुपये थी. बाद में यह राशि बढ़ कर 478 करोड़ रुपये हो गयी. योजना का काम पिछले चार दशक से चल रहा था. कोनार सिंचाई परियोजना की क्षमता रोजाना 1700 क्यूसेक पानी छोड़ने की है. इससे तीन जिलों में कुल 200 किमी नहर को पानी मिलेगा. फिलहाल 60 किमी तक नहर निर्माण का काम पूरा हो चुका है. वन भूमि की क्लीयरेंस के कारण मामला फंसा हुआ है. क्लीयरेंस होने के साथ ही आगे का निर्माण शुरू हो जायेगा.
