हर साल बारिश में बह जाता है 20 लाख लीटर पानी

हजारीबाग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संचय अभियान को हजारीबाग में आगे बढ़ावा देने का काम तो चल रहा है, लेकिन पुराने भवनों में जल संचयन को लेकर प्रशासन ने अब तक गंभीरता नहीं बरती है. हजारीबाग स्थित बार भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है. सिस्टम के नहीं रहने से प्रत्येक बार भवन […]

हजारीबाग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संचय अभियान को हजारीबाग में आगे बढ़ावा देने का काम तो चल रहा है, लेकिन पुराने भवनों में जल संचयन को लेकर प्रशासन ने अब तक गंभीरता नहीं बरती है. हजारीबाग स्थित बार भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है. सिस्टम के नहीं रहने से प्रत्येक बार भवन की छत से बारिश का लाखों लीटर पानी यूं ही बह जाता है. हजारीबाग कोर्ट सौ साल पुराना है. लगभग 20 वर्ष पूर्व पुराने भवन को तोड़ नया भवन बनाया गया, लेकिन भवन में जल संचयन को अहमियत नहीं दिया गया.

बार में हैं पांच भवन: बार में पांच भवन हैं. यशवंत सिन्हा विधि भवन की लंबाई लगभग 80 फीट और चौड़ाई लगभग 50 है. इसी तरह सेंट्रल हॉल की लंबाई लगभग 80 फीट, जबकि चौड़ाई लगभग 25 फीट है. पुराना बार लाइब्रेरी भवन की लंबाई लगभग 80 फीट और चौड़ाई लगभग 30 फीट है. वहीं सामुदायिक भवन की लंबाई 60 फीट और चौड़ाई लगभग 20 फीट है. इसके अलावा एक और अन्य भवन है, जिसकी लंबाई 50 फीट और चौड़ाई 20 फीट है. इस प्रकार लगभग 10 हजार फीट के क्षेत्रफल की छत से अनुमानित प्रत्येक वर्ष लगभग 20 लाख लीटर बारिश का पानी बह कर बेकार हो जाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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