केरेडारी : केरेडारी पंचायत विकास के पैमाने पर काफी पिछड़ा है. यहां रहनेवाले आधे से अधिक लोगों के घरों में शौचालय नही है. शौचालय के अभाव में लोग खुले में शौच जाने को विवश हैं. केरेडारी पंचायत में ओमे, खपिया एवं केरेडारी गांव में 6000 से अधिक लोग रहते हैं. इतनी बड़ी आबादी में एसबीएम […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
केरेडारी : केरेडारी पंचायत विकास के पैमाने पर काफी पिछड़ा है. यहां रहनेवाले आधे से अधिक लोगों के घरों में शौचालय नही है. शौचालय के अभाव में लोग खुले में शौच जाने को विवश हैं. केरेडारी पंचायत में ओमे, खपिया एवं केरेडारी गांव में 6000 से अधिक लोग रहते हैं.
इतनी बड़ी आबादी में एसबीएम से लगभग 709, मनरेगा से 100 एवं एनटीपीसी के सीएसआर मद से 15 समेत कुल 824 शौचालय का निर्माण हुआ है. गांव में लगभग 250 संपन्न परिवार के घरों में ही शौचालय है. आंकडों के हिसाब से लगभग 850 घरों में शौचालय नहीं है.
महिलाओं को परेशानी: ओमे के सरजू भुइयां, बालेश्वर यादव, बसंती देवी, खपिया के सोमर गोप, दमरी गोप ने कहा वे मजदूरी का काम करते हैं. शौचालय के आभाव में उन्हें खुले में शौच जाना पड़ता है. घर में शौचालय नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, वृद्धों एवं महिलाओं को होती है.
क्या कहते हैं मुखिया: केरेडारी मुखिया तपेश्वर साव ने कहा कि एसबीएम टारगेट के हिसाब से शौचालय बनाया गया है. आधे लोगों के पास शौचालय नहीं है. मनरेगा एवं एनटीपीसी से शौचालय बनाने के लिए सूची भेजी थी, लेकिन आज तक स्वीकृति नहीं दी गयी. केरेडारी फिलहाल 850 से अधिक शौचालय की जरूरत है.