अजय/रंजीत, गिद्दी (हजारीबाग) : खट्टी-मीठी यादों को छोड़ कर 2018 अब बीतने वाला है. गिद्दी बुध बाजार में कुख्यात हथियार तस्कर मंजर आलम उर्फ मंजी के रिश्तेदार मोनाजिर हसन उर्फ लक्की को मुंगेर पुलिस ने अक्तूबर माह में गिरफ्तार किया था. बाद में मंजर आलम की गिरफ्तारी पटना में हुई. यह मामला कई दिनों तक बिहार व झारखंड में सुर्खियों में रहा.
रोड सेल के लिए ई-ऑक्शन का कोयला नहीं मिलने से अरगडा क्षेत्र की कई परियोजनाओं में लोकल सेल के मजदूरों का आंदोलन आैर फरवरी में हजारीबाग एसडीओ द्वारा कुरकुट्टा बालू घाट में छापामारी कर 17 लोगों की गिरफ्तारी भी चर्चा में रही. हेसालौंग में सिर कटी लाश आैर बसरिया गांव स्थित दामोदर नद में अज्ञात युवती का शव बरामद किया गया था. उनदोनों की पहचान और हत्या की गुत्थी आज तक पुलिस नहीं सुलझा पायी है.
आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो का हेसालौंग से स्वाभिमान पदयात्रा की शुरुआत, सीसीएल क्वार्टर से मजदूर नेता गनी खान को हटाने तथा प्रदूषण को लेकर चुंबा के ग्रामीणों का आंदोलन भी विशेष रूप से याद रखा जायेगा.
जनवरी में गिद्दी की विवाहिता बरखा, मई में गिद्दी के सन्नी विश्वकर्मा, जून में हेसालौंग के प्रकाश भुइयां व अक्तूबर में गिद्दी मेनगेट के राहुल कुमार भुइयां ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी.
फरवरी में गिद्दी थाना के चौकीदार योगेंद्र बेदिया, मार्च में टोंगी मोड़ में ट्रैक्टर से दब कर मजदूर तुलेश्वर कुम्हार, अप्रैल में हेसालौंग में संतोष भुइयां, अक्तूबर में सिरका साधु मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में सिरका कहुआबेड़ा के आकाश प्रजापति उर्फ लक्की की मौत हो गयी थी.
समय पर इलाज नहीं होने से गिद्दी के जोगा सिंह की चार वर्षीय पुत्री जसप्रीत कौर की मौत हो गयी थी. अप्रैल में मिश्राइनमोढ़ा की एतवरिया बिरहोर की मौत बीमारी से हो गयी.
जून में ठनका गिरने से वृद्ध महिला धुनिया देवी तथा सितंबर में गिद्दी सी में इचाक के होमगार्ड जवान धर्मनाथ महतो की मौत सर्पदंश से हो गयी थी. जुलाई में गिद्दी सी स्टोर से अपराधियों ने छह लाख आैर दिसंबर में गिद्दी उत्खनन कार्यशाला में अपराधियों ने 10 लाख रुपये के सामान की लूट ली थी.
अगस्त में बसकुदरा गांव के सीताराम मांझी का शव रैलीगढ़ा दो तल्ला से बरामद किया गया था. इस वर्ष हेसालौंग के भाजपा नेता संतोष कुमार साहू तथा रैलीगढ़ा के कांग्रेसी नेता धनंजय सिंह की मौत भी लोगों को याद रहेगी. कई परियोजनाओं पर बंदी की तलवार लटक रही है.
