सीबीआइ जांच नहीं होने पर सांसद जयंत सिन्हा का विरोध किया
हजारीबाग : अलीमुद्दीन हत्याकांड की सीबीआइ या एनआइए जांच की मांग को लेकर हजारीबाग मुख्यालय में मंगलवार को अटल विचार मंच की ओर से एक दिवसीय धरना दिया गया. इसकी अध्यक्षता प्रो केपी शर्मा ने की. अटल विचार मंच के संयोजक शंकर चौधरी, केपी शर्मा, देवदयाल कुशवाहा, लोकनाथ महतो, गुलशनलाल आजमानी समेत 40 से अधिक लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन आयुक्त उत्तरी छोटानागपुर को दिया गया.
ज्ञापन मुख्यमंत्री झारखंड सरकार को संबोधित है. इसमें कहा गया है कि 29 जून 2017 को रामगढ़ में हुई अलीमुद्दीन हत्याकांड की स्वतंत्र जांच सीबीआइ या एनआइ से करायी जाये. इस मामले में रामगढ़ जिला पुलिस अपने को बचाने के लिए 12 निर्दोष गो रक्षकों को फंसा दिया.
ज्ञापन के बाद धरना को मुख्य वक्ता देवदयाल कुशवाहा, गुलशन लाल आजमानी, लोकनाथ महतो, उमाशंकर अकेला, शंकर चौधरी ने संबांधित किया. शंकर चौधरी ने कहा कि रामगढ़ में 29 जून को गोला रोड के बाजारटांड़ में सुबह नौ बजे घटना घटी थी. गो मांस लेकर आ रहे मारूति वैन को बाजारटांड़ के पास गो रक्षकों ने पकड़ लिया.
आक्रोशित लोग अलीमुद्दीन अंसारी को मारने-पीटने लगे. घायल अलीमुद्दीन को थाना ले जाया गया. वहां से रांची ले जाने के क्रम में अलीमुद्दीन अंसारी की मौत हो गयी. इसके बाद पुलिस ने 12 गो रक्षकों को नामजद आरोपी बना दिया. प्रो केपी शर्मा ने कहा कि 12 लोगों को नामजद आरोपी बनाने के विरोध में पूर्व विधायक शंकर चौधरी के नेतृत्व में अटल विचार मंच के बैनर तले आंदोलन प्रारंभ हुआ. मंच इस आंदोलन को जिला से प्रमंडल तक ले गया है.
वक्ताओं ने सांसद पर निशाना साधा
सभी वक्ताओं ने सांसद जयंत सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा कि सीबीआइ जांच के लिए मुख्यमंत्री को लिखे पत्र को सार्वजनिक नहीं किया गया. पीड़ित परिवारों से भी नहीं मिले. पीड़ित परिवारों को सहयोग भी नहीं किया. सांसद से इस्तीफे की मांग करते हैं. धरना में काली साव, राजेश गोस्वामी, नारद पांडेय, विजय वर्मा, भैया बांके बिहारी, शांति देवी, सर्वेस सिंह, अशोक साहू, डॉ महावीर प्रसाद, विशाल राणा, गंगाधर दुबे, आदित्य कुमार वर्मा समेत कई लोग शामिल हुए.
