हजारीबाग: बालू, छर्री, ईंट, कोयला समेत अन्य सामग्री की ट्रांसपोर्टिंग में लगे वाहनों को जीएसटी के दायरे में रखा गया है. बगैर जीएसटी के वाहन पकड़े जाने पर आर्थिक दंड के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी.
उक्त बातें सदर एसडीओ आदित्य रंजन ने क्रशर माइंस वेलफेयर ऐसोसिएशन व मालवाहक वाहनों के मालिकों के साथ हुई बैठक में कही. एसडीओ कार्यालय में गुरुवार को हुई बैठक में आदित्य रंजन ने ओवरलोडिंग वाहनों की जानकारी देने के लिए नंबर (7739814445) सार्वजनिक किया है. इस पर किसी भी तरह की गुप्त सूचना दी जा सकती है.
एसडीओ ने कहा कि जिस वाहन में सामग्री की ढुलाई होती है, उसकी संरचना को छोटा-बड़ा किये जाने पर भी कार्रवाई होगी. बगैर चालान के किसी भी मालवाहक वाहन से बालू, छर्री, ईट या कोयला की ढुलाई अवैध मानी जायेगी. बिना चालान की ढुलाई होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. एसडीओ ने प्रदूषण फैलानेवाले वाहनों को सामग्री को ढंक कर ले जाने का निर्देश दिया. उन्होंने चेतावनी दी है कि पकड़े गये वाहनों पर माइंस, डीटीओ, प्रदूषण, जीएसटी, फॉरेस्ट एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किये जायेंगे. बैठक में क्रशर संचालकों ने स्वेच्छा से ओवर लोडिंग एवं बिना जीएसटी के वाहन नहीं चलाने की बात कही. मौके पर डीटीओ शब्बीर अहमद, सहायक खनन पदाधिकारी नीतेश गुप्ता, प्रदूषण सहायक वैज्ञानिक आरएन अंजन, सभी रेंज अधिकारी, कोर्रा टीओपी, पेलावल ओपी, मुफस्सिल के प्रभारी, क्रशर माइंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चौहन महतो, सचिव शैलेंद्र कुमार मेहता समेत अन्य अधिकारी शामिल थे.
