हजारीबाग/कटकमसांडी: कटकमसांडी प्रखंड के खुटरा गांव में 12 नवंबर को छापेमारी दल की कार्रवाई पर वन विभाग ने मामला दर्ज किया है. डीएफओ वाइल्ड लाइफ दिलीप कुमार ने बताया कि वन अधिनियम के तहत छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. इसमें हकुल खैर, अब्दुल दानिश, वारिश खान, हसनैन अहमद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
दो आरोपी अबी अहमद व छोटू मिस्त्री को आरोपी बनाया है. इन लोगों पर खुटरा में अवैध आरा मील स्थापित कर हजारीबाग वन्य प्राणी आश्रयणी के विभिन्न जंगलों से अवैध रूप से लकड़ी काट कर लाने व बेचने का आरोप है. वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से दो आरा मशीन, दो ट्रैक्टर व दो 207 ट्रक लकड़ी जब्त की है, जो विभिन्न प्रजातियों की है.
डीसी व एसपी से जांच की मांग: उपमुखिया कमरूजमा, मुखिया प्रतिनिधि अनवारूल हक, गांव के दारोगा उर्फ तसलीम, जलील अंसारी, शोएब अंसारी समेत कई ग्रामीणों ने मांग की है कि लकड़ी का अवैध कारोबार करनेवाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई करें. साथ ही निर्दोष लोगों को नहीं फंसाये. छापामारी दल द्वारा चार घरों में जो कार्रवाई की गयी है. डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी अनुप बिरथरे के घटनास्थल पर आकर जांच करने से आरोपों की निष्पक्ष जांच हो जायेगी.
छापेमारी कार्रवाई गोपनीय रखी गयी थी: सदर एसडीओ आदित्य रंजन व डीएफओ दिलीप कुमार ने खुटरा गांव में अवैध आरा मशीन और लकड़ी जब्त करने की कार्रवाई को काफी गोपनीय रखा था. खुटरा गांव से संबंधित डीएसपी दिनेश गुप्ता, पेलावल इंस्पेक्टर दयानंद मुर्मू, थाना प्रभारी विजय कुमार राय को कोई जानकारी नहीं दी गयी.
स्थानीय पुलिस व अवैध लकड़ी कारोबारियों के बीच सांठ-गांठ की सूचना गुप्तचरों ने एसडीओ को दी थी. इसलिए अभियान को काफी गोपनीय रखा गया, जिससे कामयाबी मिली. छापेमारी के बाद डीएसपी दिनेश गुप्ता ने कहा कि छापेमारी से संबंधित जानकारी मेरे पास नहीं है, जबकि पेलावल थाना प्रभारी ने कहा कि छापेमारी अभियान खत्म होने व विवाद के बाद मुझे सूचना दी गयी. डीएफओ ने भी पूरी कार्रवाई की सूचना स्थानीय रेंजर गोपाल चंद्रा, वनपाल अनिल उपाध्याय को नहीं दी. इन दोनों को अंतिम समय छापेमारी दल में शामिल कर कार्रवाई की गयी. दोनों वरीय अधिकारियों की रणनीति काफी कारगर हुई. छापेमारी दल द्वारा चार घर में तलाशी, लकड़ी जब्त करने व गिरफ्तारी की कार्रवाई पर गांव वालों व एसडीओ डीएफओ ने अलग-अलग अपने पक्ष रखे है.
ग्रामीणों ने कहा
कार्रवाई के दूसरे दिन गांव वालों ने भी अपना पक्ष रखा. महिला खुशबू प्रवीण ने कहा कि घर में लूटपाट की घटना घटी है. निर्दोष लोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की है. लकड़ी कारोबार व आरा मशीन से हमारे घरवालों का कोई लेना-देना नहीं है. वहीदा खातून ने कहा कि बेवजह पुलिस घर में घुस गयी. जेवरात, पैसा व चेकबुक ले लिया व सामान को तोड़ दिये.
