सूर्य उपासना किया करते थे राजा दलेल सिंह

बड़कागांव: बड़कागांव की छठ पूजा ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से काफी पुरानी है. दलेल सिंह द्वारा लिखित पुस्तक शिवसागर के अनुसार बड़कागांव में छठ महापर्व की शुरुआत राजा दलेल सिंह डुमारो नदी में 1680 में किया था. मुगलों के आक्रमण से बचने के लिए भगवान सूर्य देव की उपासना की थी. तत्पश्चात राजा दलेल सिंह […]

बड़कागांव: बड़कागांव की छठ पूजा ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से काफी पुरानी है. दलेल सिंह द्वारा लिखित पुस्तक शिवसागर के अनुसार बड़कागांव में छठ महापर्व की शुरुआत राजा दलेल सिंह डुमारो नदी में 1680 में किया था. मुगलों के आक्रमण से बचने के लिए भगवान सूर्य देव की उपासना की थी. तत्पश्चात राजा दलेल सिंह ने बादम में कर्णपुरा राज की राजधानी स्थापित की.

किले को बचाने के लिए हहारों नदी के मार्ग को बदलने के लिए बदमाही पहाड़ को काट कर पंच वाहिनी माता को स्थापित किया था. जहां आज भी पांच दिव्य पूजा की जाती है. बदमाही नदी के तट पर छठ पूजा होती है.

पूर्व मुखिया बालकृष्ण महतो ने बताया कि राम जानकी मंदिर के पुजारी मेघन दास बाबा ने 1936 में छठ पूजा शुरू की थी. तब से बड़कागांव में छठ महापर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है. पूर्व मुखिया बालकृष्ण महतो, तत्कालीन विधायक लोकनाथ महतो के घरों में उनके पूर्वजों के समय से छठ पूजा की जा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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