कार्रवाई: सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर, बनायी टीम, मैसेज कर धार्मिक उन्माद फैलाया, तो जायेंगे जेल
हजारीबाग: मोबाइल वाटसएप्प के जरिये धार्मिक उन्माद भड़काने व आपत्तिजनक मैसेज और फोटो वायरल करने के मामले में जिला पुलिस ने गंभीरता बरती है. ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिस की एक अलग टीम गठित की गयी है. टीम का काम ऐसे तत्वों पर निगरानी रखना है. पिछले दो माह में धार्मिक उन्माद फैलाने […]
हजारीबाग: मोबाइल वाटसएप्प के जरिये धार्मिक उन्माद भड़काने व आपत्तिजनक मैसेज और फोटो वायरल करने के मामले में जिला पुलिस ने गंभीरता बरती है. ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिस की एक अलग टीम गठित की गयी है. टीम का काम ऐसे तत्वों पर निगरानी रखना है.
पिछले दो माह में धार्मिक उन्माद फैलाने व माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करनेवालों के खिलाफ विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे मामलों में करीब 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. ऐसे लोगों में सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता, विद्यार्थी और मजदूर भी शामिल है. इन सभी पर वाटसएप्प के जरिये आपत्तिजनक मैसेज, फोटो और वीडियो भेजकर उन्माद फैलाने की कोशिश करने का आरोप है.
हजारीबाग पुलिस ने जांच में पाया है कि जिले में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं के पीछे ऐसे कुछ तत्व सक्रिय हैं, जो सोशल मीडिया के जरिये धार्मिक को भड़काने की कोशिश करते हैं. मैसेज, वीडियो और तसवीर भेज कर लोगों को भड़काते हैं. जिला व पुलिस प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता बरती है. डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी अनूप बिरथरे समेत डीएसपी व प्रशासनिक अधिकारियों ने कई दौर की बैठकों के ऐसे तत्वों पर नजर रखने का निर्णय लिया. पुलिस के अनुसार वाटसएप्प जरिय कई लोग अज्ञानता में ऐसे अपराध कर रहे हैं. इसके लिए थाना स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है.
इन मामलों में अब तक हो चुकी है कार्रवाई
मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स हजारीबाग के छात्र दिनेश को धार्मिक उन्माद फैलानेवाले मैसेज वाट्सएप्प पर पोस्ट करने के मामले में जेल भेजा गया.
बरकट्ठा थाना में पुलिस निरीक्षक शीला टोप्पो ने लॉ फार्म नामक ग्रुप पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी़ इसमें ग्रुप एडमिन ग्राम बरसोत निवासी गुलाबचंद प्रसाद, शंकर प्रसाद, पुरुषोत्तम, प्रदीप कुमार, विनोद कुमार सिंह व मैसेज पोस्ट करनेवाले बिरजू रविदास ग्राम बरसोत निवासी के विरुद्ध एफआइआर कांड संख्या 107/17 दर्ज किया गया. बिरजू रविदास को जेल भेजा गया.
पुलिस ने बरकट्ठाडीह निवासी अनिल वर्णवाल (पिता-महेंद्र मोदी) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. अनिल वर्णवाल ने जिला परिषद बरकट्ठा नामक वाट्सप ग्रुप पर दो समुदाय के बीच हुई विवाद की सूचना भेजी थी़ इस बाबत बरकट्ठा थाना में कांड संख्या 144/17 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी. वहीं अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
दारू थाना में आपत्तिजनक फोटो व वीडियो मैसेज वाइरल करने के मामले में 12 जून 2017 को कांड संख्या 65/2017 दर्ज किया गया. पुलिस ने पिपचो निवासी गुलाम जिलानी (पिता-अहमद अजीज) व मो साबिर (पिता-समशुल मियां) पर आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा.
23 अगस्त को इरगा के पंचायतसेवक हकीम मियां (पिता-स्व इंदु मियां) पर कांड संख्या 85/2017 दर्ज किया गया. इन पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का आरोप है.
केरेडारी पुलिस ने सात जुलाई को हिंदू देवी-देवता के संबंध में अफवाह फैलाने के मामले में थाना कांड संख्या 36/17 के तहत पेटो निवासी मो जिआउल (पिता-इस्लाम मियां) व सलमान बट्ट (पिता-नाजिर हुसैन) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
24 जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वीडियो पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने कंडाबेर निवासी मो आरिफ को बचरा से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
चौपारण थाना में धार्मिक उन्माद फैलाने के प्रयास के मामले में मानगढ़ के दो युवकों को जेल भेजा गया. यह कार्रवाई सिकंदर नवाज खान की सूचना पर थाने में दर्ज हुई है.
व्हाटसएप्प पर आपत्तिजनक मैसेज वायरल करने के मामले में निरंजन कुमार सोनी (पिता-भुवनेश्वर प्रसाद) की लिखित आवेदन पर पुलिस ने कार्रवाई की. पुलिस ने कांड संख्या 55/17 दिनांक 28/03/2017 धारा-153ए, 153बी, 505, भादवि 66 सीआइटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में शाहबाज अंसारी (पिता-अब्दुल हसन) ग्राम चरनखिया थाना को अभियुक्त बनाया.
इन मामलों में होगी कार्रवाई
अफवाह फैलानेवाले वीडियो, धार्मिक व सामुदायिक उन्माद व भडकाऊ मैसेज, किसी समुदाय को ठेस पहुंचानेवाले मैसेज, महिला, युवतियों, छात्राओं की आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने पर कार्रवाई की बात कही गयी है. ऐसा करनेवालों पर धारा-153-ए एवं 295-ए के तहत कार्रवाई होगी.
एसपी ने थानेदारों को दिया है निर्देश
एसपी अनूप बिरथरे ने सभी थानेदारों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने थानों में बैठक कर और कार्यक्रमों में उपस्थित होकर लोगों को जानकारी दे कि लोग आपत्तिजनक व धार्मिक उन्माद फैलानेवाले वीडियो को वायरल न करें. यह कानूनन जुर्म है. इतना ही नहीं, आकाशवाणी व एफएम रेडियो के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है. साथ की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है.